निगरानी : धड़ल्ले से बेची जा रहीं टैबलेट्स

  • गर्भपात की गोलियों के इस्तेमाल पर नजर
  • दवा के उपयोग को मंजूरी

By: Rohit Tiwari

Published: 20 Aug 2019, 09:55 AM IST

मुंबई. राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन को केंद्रीय औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि गर्भपात की गोलियों का उपयोग चिकित्सा विशेषज्ञों के मार्ग दर्शन में और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता में ही किया जाए। गर्भपात की गोलियों के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए इस तरह के कदम उठाए गए हैं। औषधि नियंत्रण विभाग ने दिसंबर 2008 में गर्भपात के लिए मिजोप्रोस्टोल और मिफेप्रिस्टोन के संयोजन से दवा के उपयोग को मंजूरी दी है।
विदित हो कि उस समय चिकित्सा गर्भपात अधिनियम के अनुसार, यह तय किया गया था कि दवा का उपयोग चिकित्सा सुविधा में और विशेषज्ञ चिकित्सक के मार्ग दर्शन में ही किया जाना अनिवार्य था। लेकिन, इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है, जिसका अवैध रूप से धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए ड्रग एडवाइजरी कमेटी ने नियंत्रण विभाग को सलाह दी थी कि थोक दवा विक्रेता इसे केवल पंजीकृत गर्भपात केंद्रों में ही आपूर्ति करें। समिति ने कहा कि इनके पैकटों पर निर्देश मुद्रित करना और उन्हें ठीक से लागू करने का निर्देश देना अनिवार्य था।

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