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मुंबई में बनेगा दुनिया का सबसे लंबा समुद्री रोप-वे

रोप-वे बनने के बाद पर्यटक 14 मिनट में एलिफैंटा पहुंच सकते हैं...
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rop-way file photo

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(मुंबई): बांद्रा-वर्ली सी-लिंक ब्रिज के बाद मुंबई के नाम एक और आकर्षण जुडऩेवाला है। यह है मुंबई को एलिफैंटा द्वीप से जोडऩेवाला रोप-वे। शिवड़ी-एलिफैंटा के बीच समुद्र में प्रस्तावित यह रोप-वे अपनी तरह का दुनिया का सबसे लंबा मार्ग होगा। इस रोप-वे को बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदा मंगाई जाएगी, जिसके लिए केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। रोप-वे बनने के बाद पर्यटक 14 मिनट में एलिफैंटा पहुंच सकते हैं। फिलहाल गेट वे ऑफ इंडिया से एलिफैंटा बोट से पहुंचने में एक घंटा का समय लगता है। एलिफैंटा मुंबई समुद्र तट से आठ किमी दूर एक द्वीप है। यूनेस्को की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल एलिफैंटा का प्राकृतिक सौंदर्य, गुफाएं, मंदिर और मूर्तियां देसी-विदेशी पर्यटकों को लुभाती हैं।

अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपए यह रोप-वे शिवड़ी को एलिफैंटा बीच से सीधे जोड़ेगा। इसकी कुल लंबाई आठ किमी होगी। इसके निर्माण में कुल 800 करोड़ रुपए की लागत आएगी। केंद्र सरकार की वित्तीय समिति की मंजूरी इसे मिल चुकी है। मुंबई पोर्ट ट्र्स्ट (बीपीटी) के चेयरमैन संजय भाटिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर एक साल से तैयारी चल रही थी।

नीचे से गुजरेंगे जहाज


बीपीटी अध्यक्ष ने बताया कि रोप-वे का निर्माण पीपीपी (सार्वजनिक निजी सहभागिता) के तहत किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। जल्द ही इसे बनाने के लिए बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस रोप-वे में 10 से 11 टॉवर होंगे। यह टॉवर केबल से जुड़े रहेंगे। केबल काफी ऊंचाई पर होगा ताकि नीचे से जलयान आसानी से गुजर सकें। बीपीटी को विश्वास है कि रोप-वे तैयार होने के बाद एलिफैंटा जानेवाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। फिलहाल चार से पांच हजार पर्यटक रोज एलिफैंटा जाते हैं। उम्मीद की जा रही है कि रोप-वे तैयार होने के बाद एलिफैंटा जानेवाले पर्यटकों की संख्या 15 हजार से ज्यादा होगी।

2022 तक पूरा होगा कार्य


बीपीटी अधिकारियों के मुताबिक अगस्त, 2019 से रोप-वे बनाने का काम शुरू होगा जिसके अक्टूबर, 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। पहले शिवड़ी से 30 सीटर केबल कार सेवा शुरू करने की योजना थी, लेकिन लैंडिंग टर्मिनल हाजी बंदर से एक किमी दूर शिफ्ट कर दिया गया है ताकि प्रवासी फ्लैमिंगो पक्षी और मुंबई-ट्रांस हार्बर लिंक को बाधित होने से बचाया जा सके।

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