
Central Govt Slashes Interest Rates of GPF account in Lockdown
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ( Central Govt) ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका देते हुए जनरल प्रॉविडेंट फंड ( General Provident Fund ) की ब्याज दरों में कटौती कर दी है। यह कटौती अप्रैल से जून तिमाही के लिए की गई है। जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 तक जनरल प्रॉविडेंट फंड और इसके अंतर्गत आने वाले दूसरे फंडों पर अब ब्याज 7.1 फीसदी कर दी गई है। पहले यह ब्याज दर 7.9 फीसदी थी। जनरल प्रोविडंट फंड में सिर्फ सरकारी कर्मचारी ( Govt Employees ) अकाउंट खुलवा सकते हैं। जिसमें कर्मचारी अपनी सैलरी का 15 फीसदी तक 15 फीसदी तक जीपीएफ कें डाल सकते हैं।
इन फंडों की ब्याज दरों में कटौती
- जनरल प्रोविडेंट फंड सेंट्रल सर्विसेज
- कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड इंडिया
- जनरल प्रोविडेंट फंड ऑल इंडिया सर्विसेज
- जनरल प्रोविडेंट फंड स्टेट रेलवे
- जनरल प्रोविडेंट फंड डिफेंस सर्विसेज
- जनरल प्रोविडेंट फंड इंडियन ऑर्डनेंस डिपार्टमेंट
- जनरल प्रोविडेंट फंड इंडियन ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज वर्कमैन
- जनरल प्रोविडेंट फंड इंडियन नेवल डॉकयार्ड वर्कमैन
- जनरल प्रोविडेंट फंड डिफेंस सर्विसेज ऑफिसर्स
- जनरल प्रोविडेंट फंड आम्र्ड फोर्सेस पर्सनल
मिलता है ब्याजमुक्त लोन
जनरल प्रोविडेंट फंड की सबसे खास बात तो ये है कि इसमें ब्याजमुक्त लोन की सुविधा भी मिलती है। जिसे जीपीएफ एडवांस के नाम से जाना जाता है। इसके तहत जनरल प्रोविडंट फंड में जमा की गई राशि पर ब्याजमुक्त दिया जाता है। जिसे हर महीने ईएमआई के रूप में चुकाना भी होता है। इस पर किसी तरह का ब्याज नहीं लिया जाता है। कोई भी अपने जीपीएफ अकाउंट से कितना ही रुपया निकाल सकता है।
इस तरह की भी मिलती है सुविधा
- रिटायरमेंट पर सरकारी कर्मचारी को जीपीएफ अकाउंट में जमा राशि तो मिलती ही है साथ ही कुछ राशि को पेंशन के रूप में हर माह मिलती है।
- इस खाते में आप अपने परिवार के किसी भी मेंबर को नॉमिनी भी बना सकते हैं। किसी तरह की अनहोनी होने पर रुपया नॉमिनी को मिल जाता है।
- जीपीएफ खाते में योगदान के लिए इनकम टैक्स की धारा 80(सी) के तहत सिर्फ डेढ़ लाख रुपए टैक्स फ्री हैं।
Updated on:
6 May 2020, 12:48 PM IST
Published on:
6 May 2020, 11:51 AM IST
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