डेयरी व शिक्षण संस्थाओं में अटका भुगतान, पशुओं के लिए चारा खरीदना मुश्किल

बार-बार मांग के बावजूद नहीं मिल रही राहत, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों ने दूध का भुगतान करवाने की मांग की

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 06 Jun 2020, 08:21 PM IST

नागौर. दूध बेचने के बाद समय पर राशि नहीं मिलने से परिवार चलाना तक मुश्किल हो गया है। इसके लिए वे बार-बार मांग कर चुके हैं, लेकिन राहत नहीं मिल रही। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों ने डेयरी व शिक्षण संस्थाओं में अटके भुगतान को करवाने की मांग की है। इसके लिए सांसद को ज्ञापन सौंपा।

इसमें बताया कि गत अक्टूबर माह से स्कूलों में जा रहे दूध का भुगतान नहीं मिला है। नागौर दुग्ध संघ से भी साढ़े तीन माह हो गए, भुगतान नहीं मिला। इससे पशुपालकों के लिए चारा खरीदना भी मुश्किल हो रहा है। गत 11 मई को भी ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन अभी तक नतीजा नहीं निकला। इस दौरान विभिन्न गांवों में संचालित दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।


जांगिड़ समाज ने मास्क व सेनेटाइजर के लिए दी राशि
नागौर. जांगिड़ समाज की ओर से कोरोना महामारी में सहयोग के लिए जिला प्रशासन को मास्क व सेनेटाइजर के लिए राशि प्रदान की गई।

मीडिया प्रभारी अशोक कांगसिया के अनुसार कलक्ट्रेट में कार्यरत कार्मिकों की सुरक्षा के लिए 25 हजार रुपए दिए गए हैं। इससे मास्क व सेनेटाइजर खरीदे जाएंगे, ताकि कार्मिकों को सुरक्षा मिले। राशि का चेक जिला कलक्टर को सौंपा गया। जिला कलक्टर व अतिरिक्त जिला कलक्टर को सम्मान पत्र भी दिया गया। अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा जिलाध्यक्ष तुलसीराम कुलरिया, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश जांगिड़, महामंत्री बंकटलाल जांगिड़, परबतसर तहसील अध्यक्ष रामेश्वरलाल जांगिड़, अनूपकुमार जांगिड़, हरिराम, राजेन्द्रकुमार, श्यामलाल, राधेश्याम, पूर्णमल, राजेन्द्र, राधेश्याम पालडिय़ा, कानाराम कुलरिया, महेश कांगसिया आदि समाजबंधु उपस्थित रहे।

Jitesh kumar Rawal
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