script इस बार बदल गया ट्रेंड, गांवों की बजाए शहरों में ज्यादा पड़े वोट | The trend changed, more votes were cast in cities instead of villages | Patrika News

इस बार बदल गया ट्रेंड, गांवों की बजाए शहरों में ज्यादा पड़े वोट

locationनागौरPublished: Nov 30, 2023 12:45:51 pm

Submitted by:

shyam choudhary

विधानसभा चुनाव : नागौर की दस सीटों पर ग्रामीण क्षेत्र की बजाए शहरी क्षेत्र में ज्यादा हुई वोटिंग
पिछले चुनावों में गांवों में ज्यादा था मतदान का प्रतिशत

 more votes were cast in cities instead of villages
more votes were cast in cities instead of villages

इस बार विधानसभा चुनाव में शहरी क्षेत्र के मतदाताओं ने ग्रामीण मतदाताओं की तुलना में अधिक मतदान कर पिछले दो चुनाव का ट्रेंड बदल दिया है। वर्ष 2018 एवं 2013 में जहां शहरों की तुलना में गांवों में अधिक मतदान हुआ था, वहां इस बार गांवों की बजाए शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत अधिक रहा है। निर्वाचन विभाग की ओर से जारी मतदान के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस बार कुल 72.47 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 72.15 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 74.02 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि जिले की सभी विधानसभाओं में ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन मकराना, डेगाना, मेड़ता, जायल व परबतसर ऐसी विधानसभा है, जहां शहरी क्षेत्रों का मतदान अधिक है, वहीं शेष विधानसभाओं में गांवों का मतदान प्रतिशत अधिक है। मकराना विधानसभा में शहरी व ग्रामीण का अंतर 14 प्रतिशत का है, इसलिए पूरे जिले में शहरी क्षेत्र का मतदान अधिक दर्शित हो रहा है।

जानिए, विधानसभावार शहरी एवं ग्रामीण मतदान प्रतिशत
विधानसभा - ग्रामीण क्षेत्र - शहरी क्षेत्र
लाडनूं - 72.40 - 68.75
डीडवाना - 73.60 - 72.58
जायल - 67.72 - 71.39
नागौर - 68.95 - 68.52
खींवसर - 73.72 - 69.92
मेड़ता - 69.26 - 73.14
डेगाना - 71.50 - 73.68
मकराना - 70.53 - 84.71
परबतसर - 78.25 - 78.66
नावां - 74.87 - 74.16
कुल - 72.15 - 74.02

गांवों में शहरों की तुलना में 4.82 गुना वोट अधिक
जिले की दस विधानसभा सीटों पर कुल 26 लाख, 84 हजार, 753 वोट हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 22 लाख, 23 हजार, 490 वोट ग्रामीण क्षेत्र में तथा 4 लाख, 61 हजार, 263 वोट शहरी क्षेत्र में हैं। जिले में कुल वोटों में से 72.47 प्रतिशत यानी 19 लाख, 45 हजार, 670 वोट पड़े। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में 16 लाख, 4 हजार, 246 तथा शहरी क्षेत्र में 3 लाख 41 हजार, 424 वोट पड़े।

शहर एवं गांव दोनों जगह महिलाएं रही आगे
पिछले दो चुनावों में जहां गांवों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत अधिक था, वहां शहरों में पुरुषों का मतदान अधिक था, लेकिन इस बार गांव और शहर दोनों जगह महिलाओं का मतदान प्रतिशत अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 72.86 प्रतिशत तथा पुरुषों का 71.49 प्रतिशत रहा। इसी प्रकार शहर क्षेत्र में महिलाओं का मतदान 74.52 प्रतिशत व पुरुषों का 73.55 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2018 के चुनाव में प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में पुरुषों ने 70.96 प्रतिशत तथा महिलाओं ने 69.49 प्रतिशत मतदान किया था। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों का मतदान 74.67 प्रतिश तथा महिलाओं का 76.23 प्रतिशत रहा था। इसी प्रकार वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में शहरी क्षेत्रों में कुल 72.06 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें 72.35 फीसदी पुरुषों ने तथा 71.73 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया था, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुल मतदान 76.14 प्रतिशत हुआ, जिसमें पुरुषों ने 75.66 प्रतिशत व महिलाओं ने 76.66 प्रतिशत मतदान किया था।

पिछले दो चुनावों में ग्रामीण थे आगे
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कुल 74.24 प्रतिशत मतदान किया गया, जिसमें 73.83 प्रतिशत पुरुषों ने तथा 74.68 प्रतिशत मतदान महिलाओं ने किया। इसमें शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 70.25 रहा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 75.42 प्रतिशत मतदान किया गया। यानी शहरों से करीब 5 फीसदी अधिक मतदान गांवों में किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कुल 75.23 प्रतिशत मतदान किया गया, जिसमें शहरी क्षेत्रों में कुल 72.06 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 76.14 प्रतिशत मतदान किया गया। इसमें भी करीब 4 फीसदी मतदान गांवों में अधिक हुआ। 2018 के चुनाव में नागौर जिले में कुल 23.71 लाख मतदाता थे, जिनमें से 12.33 लाख पुरुष तथा 11.38 लाख महिला मतदाता थी। इनमें से 71.47 प्रतिशत पुरुषों ने तथा 74.47 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने मतदान किया था।

मतदाता जागरुकता अभियान का असर
पिछले दो चुनावों में शहरी क्षेत्र में मतदान कम होने के बाद इस बार बढऩे के पीछे मतदाता जागरुकता अभियान का काफी योगदान रहा है। निर्वाचन विभाग ने स्वीप कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया तो राजस्थान पत्रिका ने भी जागो जनमत एवं पत्रिका जनादेश यात्रा के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास किया, जिसके चलते पिछले दो चुनावों में उदासीन रहा शहरी मतदाता, इस बार घर से निकला तथा बूथ पर जाकर अपना वोट दिया।

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