खनिज विभाग रेत माफिया का गुलाम,लाखों की रेत चोरी में 7 दिन बाद भी मामला दर्ज नहीं

रेत खनन के लिए प्रतिबंधित शगुन और कुड़ी घाट से लाखों की रेत के खनन और अवैध भंडारण में खनिज विभाग किस तरह हास्यास्पद कार्रवाई कर रहा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले तो रेत माफिया को स्टाक उठाने का पूरा मौका दिया और अब घाट की नापजोख के लिए परिसर में स्थित राजस्व विभाग को डाक से पत्र भेजा गया है जबकि कार्यालय के कर्मचारी इसे सीधे हाथों हाथ दे सकते थे।

By: ajay khare

Published: 21 Oct 2020, 08:21 PM IST

नरसिंहपुर. रेत खनन के लिए प्रतिबंधित शगुन और कुड़ी घाट से लाखों की रेत के खनन और अवैध भंडारण में खनिज विभाग किस तरह हास्यास्पद कार्रवाई कर रहा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले तो रेत माफिया को स्टाक उठाने का पूरा मौका दिया और अब घाट की नापजोख के लिए परिसर में स्थित राजस्व विभाग को डाक से पत्र भेजा गया है जबकि कार्यालय के कर्मचारी इसे सीधे हाथों हाथ दे सकते थे। खनिज और राजस्व विभाग के कार्यालय एक ही परिसर में हैं।
आरोपों के घेरे मेंं खनिज विभाग
नर्मदा के शगुन व कुड़ी घाट में रेत के 9 बड़े अवैध भंडार पाए गए थे । १५ अक्टूबर को ग्रामीणों की शिकायत पर खनिज विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। 15 से 17 अक्टूबर तक खनिज विभाग मौन रहा तब तक रेत माफिया ने स्टाक उठा लिया। अब लकीर पीटने की तर्ज पर विभाग केे अफसर मौके के खसरा नंबर की जांच के बाद कार्रवाई का राग अलाप रहे हैं। गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को सेकंड सटर्डे था और 18 अक्टूबर को रविवार था। जिससे रेत माफिया को रेत का स्टाक गायब करने का पर्याप्त मौका दिया गया।
----------
खनिज अधिकारी आरके पटेल से सीधी बात
सवाल-लाखों की रेत चोरी में क्या कार्रवाई कर रहे हैं
जवाब-हमने राजस्व विभाग को नाप जोख के लिए पत्र लिखा है
सवाल- जब वहां रेत खदान स्वीकृत नहीं है तो किस बात की नाप जोख कराएंगे
जवाब- यह पता करने कि रेत का स्टाक किसी निजी जमीन पर तो नहीं था
सवाल-जब स्टाक मिला था तो तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की
जवाब-हम कार्रवाई कर रहे हैं, कार्रवाई की निर्धारित प्रक्रिया होती है
सवाल- लाखों की रेत का स्टाक उठाने के लिए जिम्मेदार कौन है
जवाब- इसकी जांच की जाएगी जो दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई करेंगे
-------------
टै्रक्टरों पर सख्ती हाइवा और डंपरों की अनदेखी

रेत के अवैध खनन और परिवहन मामले में खनिज विभाग की कार्रवाई केवल छोटे स्तर तक ही सीमित है। यदा कदार विभाग ट्रैक्टरों को पकड़कर अपना कार्रवाई का ग्राफ बढ़ा लेता है। जबकि अवैध रेत से भरे हाइवा और डंपरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। दो माह पहले बारूरेवा नदी घाट पर अवैध रूप से भंडारित रेत का परिवहन करने पर जिला खनिज अधिकारी ने कोतवाली पुलिस को सूचित कर चार ट्रैक्टर ट्रॉलियां जब्त कराई थीं। लेकिन ताजा मामले में ५० लाख से ज्यादा के रेत का अवैध स्टाक होने के बावजूद विभाग ने पुलिस को न तो सूचना दी और न एफआईआर दर्ज कराई। जिससे खनिज विभाग सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि सोमवार को कांगे्रस ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर खनिज अधिकारी पर रेत चोरी का मामला दर्ज करने की मांग की थी।

ajay khare
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned