धनलक्ष्मी का एजेंट बना नरसिंहपुर का खनिज विभाग, लुट रही करोडों की रेत

जब लुटेरों को ही खजाने की सुरक्षा सौंप दी जाए तो फिर अंजाम क्या होगा। नरसिंहपुर में यही हो रहा है। यहां का खनिज विभाग रेत कंपनी धनलक्ष्मी का एजेंट बन गया है।

By: ajay khare

Updated: 18 Oct 2020, 03:51 PM IST

अजय खरे. जब लुटेरों को ही खजाने की सुरक्षा सौंप दी जाए तो फिर अंजाम क्या होगा। नरसिंहपुर में यही हो रहा है। यहां का खनिज विभाग रेत कंपनी धनलक्ष्मी का एजेंट बन गया है। हालात यह हैं कि यहां खनिज विभाग के नहीं धनलक्ष्मी के नियम कायदे चल रहे हैं। धनलक्ष्मी जिले में दर्जनों जगहों पर अवैध रूप से रेत का खनन करा रही है और स्टाक कर रही है। जब खनिज विभाग को सूचना दी जाती है तो अफसर कार्रवाई करने की बजाय धनलक्ष्मी को दो दिन तक स्टाक को हटाने का मौका देते हैं। बाद मेें हिंदी फिल्मों की पुलिस की तरह मौके पर तब पहुंचते हैं जब वहां सब कुछ साफ हो चुका होता है। अंत में खनिज विभाग के अफसर जवाब देते हैं मौके पर कुछ नहीं मिला। ताजा मामला कुड़ी व शगुन घाट पर करीब ५० लाख रुपए कीमत के रेत के अवैध भंडार का है। ग्रामीणों ने सूचना दी पर मामले में २ दिन तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की । तब तक दूसरी ओर रेत माफिया ने रातों रात वहां से रेत का भंडार गायब कर दिया। पूरे मामले को लेकर अब खनिज विभाग के मुखिया आरके पटेल सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि पत्रिका ने शनिवार को इस मामले को उजागर किया था। खनिज विभाग के अफसर ने कार्रवाई की बात कही थी पर इससे पहले रेत गायब हो गई।नर्मदा के शगुन व कुड़ी घाट पर रेत खनन की अनुमति नहीं है। रेत खनन की दृष्टि से प्रतिबंधित इन दोनों घाटों पर गुरुवार को रेत का अवैध भंडारण पाया गया था। ग्रामीणों ने खनिज विभाग को इसकी सूचना दी थी। खनिज विभाग मौके पर गया था पर 72 घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की। किसी थाने में प्रकरण दर्ज नहीं कराया और न ही विभागीय कार्रवाई के तहत रेत जब्ती की कार्रवाई की। दूसरी ओर रेत माफिया ने रेत के ८ अवैध भंडार रात भर में वहां से हटा दिए। ग्रामीणों के आरोप हैं कि खनिज विभाग ने रेत माफिया को पूरा मौका दिया कि वे यहां से अपनी रेत का स्टाक उठा सकें।


प्रतिबंधित अवधि में किया गया जमकर खनन
शासन की ओर से ३० जून से ३० सितंबर तक रेत के खनन पर प्रतिबंध था। लेकिन नर्मदा के शगुन व कुड़ी घाटों पर प्रतिबंध के बावजूद मशीनों से जमकर रेत का खनन किया गया। अन्य घाटों से भी रेत निकाली गई। रेत खनन की प्रतिबंधात्मक अवधि यानी 30 जून से 30 सितंबर तक रेत का भंडारण कहां और कितना था इसकी जानकारी खनिज विभाग छिपाता रहा। इस दौरान स्टाक की आड़ में रेत का ठेका लेने वाली कंपनी धनलक्ष्मी खुले आम अवैध खनन करती रही। । साईंखेड़ा,सालीचौका क्षेत्र में ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में होने वाले खनन को लेकर मशीनें तक जब्त कराईं लेकिन अवैध खनन करने वालों पर विभाग ने कोई केस दर्ज नहीं कराया।

वर्जन
शगुन या कुड़ी घाट का कुछ हिस्सा कोतवाली थानांतर्गत आता है। यहां रेत के अवैध भंडारण या खनन से संबंधित कोई सूचना हमें खनिज विभाग ने नहीं दी है।
उमेश दुबे, थाना प्रभारी, कोतवाली नरसिंहपुर
वर्जन
इस मामले की जांच कराई जाएगी। शगुन व कुड़ी घाट में रेत के अवैध खनन व भंडारण व रेत गायब होने की जानकारी ली जाएगी।
वेदप्रकाश, कलेक्टर
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ajay khare Bureau Incharge
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