मोदी सरकार की योजना का इस जिले में बुरा हाल, विशिष्ट पहचान को मोहताज दस हजार दिव्यांग

मोदी सरकार की योजना का इस जिले में बुरा हाल, विशिष्ट पहचान को मोहताज दस हजार दिव्यांग
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Shiv Pratap Singh | Updated: 14 Sep 2019, 10:28:27 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

जिले में मात्र 2199 दिव्यांगों को ही जारी हुए यूडीआईडी कार्ड, 10216 दिव्यांग अबतक इंतजार में

 

नरसिंहपुर. जिले में पात्र होने के बाद भी 10 हजार से अधिक दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड जारी नहीं किया गया है। यह कार्ड दिव्यांगों की विशेष पहचान पत्र है, जिसके अभाव में इन दिव्यांगों को कई योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार दिव्यांगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए कई प्रकार के दस्तावेजों को प्रस्तुत करना पड़ता है। कागज के दस्तावेज होने के कारण इनके फटने, खराब होने का डर बना रहता है। स्थिति को देखते हुए केंद्र शासन द्वारा दिव्यांगों को विशेष पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) जारी करने के लिए योजना बनाई गई है। इस कार्ड में दिव्यांगों के सभी प्रमाणपत्रों की एंट्री रहती है। विडंबना यह है कि पिछले डेढ़ साल से जिले में यह योजना चल रही है, लेकिन अब तक मात्र 2199 दिव्यांगों को ही यूडीआईडी कार्ड जारी किया गया है। जबकि 10216 दिव्यांगों को अभीतक विशिष्ट पहचान को मोहताज हैं।


होती है दिक्कत
दिव्यांगता प्रमाण पत्र को दूसरे जिले और प्रदेशों में एक्सेप्ट नहीं किया जाता है, इसके चलते दिव्यांगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पूरे देश में कहीं भी सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए यूडीआईडी कार्ड काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
क्या है यूडीआईडी
यूडीआईडी का पूरा नाम यूनिक डिसबिलिटी आईडी कार्ड है। यह कार्ड प्रत्येक दिव्यांग का अलग पहचान पत्र है। इसमें फोटो के साथ कोड बार होगा। इस कार्ड के बनने के बाद दिव्यांगों को अन्य दस्तावेजों की जरूरत नहीं पड़ेगी। कार्ड में ही दिव्यांगों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि यूडीआईडी कार्ड दो प्रकार के बनाए जा रहे हैं। पीली लाइन वाले कार्ड 40 से 80 प्रतिशत तक दिव्यांग और नीली लाइन वाले कार्ड 80 से 100 प्रतिशत तक दिव्यांगों को जारी किया जाएगा।


स्वास्थ्य विभाग कर रहा लापरवाही
जानकारी के अनुसार यूनिक डिसबिलिटी आईडी कार्ड के लिए एंट्री स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जानी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस कार्य में लापरवाही बरत रहा है। विभाग कर्मचारियों की कमी होना बताकर पल्ला झाड़ रहा है। जानकारी के अनुसार कार्ड जारी करने में हो रही लेटलतीफी पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा कई बार स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार भी किया गया है।


इनका कहना
हमारे द्वारा कई बार स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है। बारिश के बाद सभी ब्लाक में शिविर लगाने की योजना है। शिविर में मौके पर डाटा फीड किया जाएगा और दिव्यांगों को यूनिक डिसबिलिटी आईडी कार्ड मिल सकेंगे।
अंजना त्रिपाठी, उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग

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