भारत की 10 में से 4 महिलाएं शोषण का शिकार: 'रिपोर्ट'

अब इस हिंसा और शोषण से बचने के लिए भारतीय महिलाएं तेजी से कदम उठाती नजर आ रही हैं। देश की 82 फीसदी महिलाओं की मानें तो वो खुद ही शोषण के खिलाफ आवाज उठाती हैं।

By: पुनीत कुमार

Published: 25 Nov 2016, 06:07 PM IST

जिस देश में औरतों की सम्मान और उनकी गरिमा की रक्षा की ढ़ेरों किस्से कहानियां मौजूद है आज उसी देश में महिलाएं अपने स्वाभिमान को सुरक्षित नहीं रख पा रही हैं। भारत में आज हर 19 साल से कम उम्र की 41 फीसदी महिलाएं किसी ना किसी वजह से हिंसा या शोषण का शिकार हो जाती हैं या जबरन उन्हें इसका सामना करना पड़ता है। महिला और बाल अधिकार को लेकर कार्यरत एक एनजीओ ने जब चार देशों में एक सर्वे कराया तो इस बात की जानकारी मिली।



रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 19 साल से कम आयु की हर 10 में 4 महिलाएं शोषण और हिंसा की शिकार पाई गई हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, बचे तीन देश ब्राजील में 16 फीसदी,  इंग्लैड में 12 और थाइलैंड में 8 फीसदी महिलाएं शोषण और हिंसा का शिकार हुई हैं। ऐसे में इस संस्था की शोध के मुताबिक भारत में 10 साल से कम आयु में ही लगभग 6 फीसदी लड़कियां शोषण का शिकार हो जाती हैं। यह सर्वे रिपोर्ट शुक्रवार को सामने आया जिसमें इसकी जानकारी मिला।



यूगॉव एनजीओ ने  18 साल और उससे उपर की  2500 महिलाओं को लेकर मतदान कराया। जिसमें 18 साल और उससे उपर की महिलाओं के साथ ब्राजील में 20 फीसदी, थाइलैंड में 26 फीसदी और इंग्लैंड में 6 में 1 के महिला हिंसा और शोषण शिकार होती है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर कराए गए इस सर्वेक्षण में 2,518 प्रतिभागियों को ऑनलाइन शामिल किया गया।



इस शोध की मानें तो लगभग 79 फीसदी महिलाएं पिछले माह किसी ना किसी वजह से हिंसा और शोषण की शिकार हो चुकी हैं। जबकि यह आंकड़ा अन्य देशों में अधिक है। पिछले महीने ब्राजील में 87 फीसदी और थाईलैंड में 67 फीसदी महिलाएं हिंसा और शोषण की शिकार हुई। वहीं इंग्लैड में यह आंकड़ा 57 फीसदी है।



इस रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस हिंसा और शोषण से बचने के लिए भारतीय महिलाएं तेजी से कदम उठाती नजर आ रही हैं। देश की 82 फीसदी महिलाओं की मानें तो वो खुद ही शोषण के खिलाफ आवाज उठाती हैं। लगभग 35 फीसदी महिलाएं पार्क और खराब रोशनी में नहीं जाकर अपना बचाव करती हैं। साथ ही लगभग 36 फीसदी महिलाएं अपना रास्ता बदलकर,  23 फीसदी रोजमर्रा की वस्तुओं का प्रयोग कर और 18 फीसदी महिलाएं रेप अलार्म और 35 फीसदी महिलाएं पार्क और खराब रोशनी में जाने से परहेज करती हैं। 

पुनीत कुमार
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