30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली में Anti Dust कैंपेन शुरू, नियम तोड़ने वाली कंस्ट्रक्शन साइटों पर लगेगा 5 लाख तक का जुर्माना

Anti Dust Campaign in Delhi: सर्दी के मौसम में राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। पंजाब-हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और दिपावली के समय जमकर की जाने वाली आतिशबाजी से दिल्ली का एक्यूआई काफी खराब हो जाता है। ऐसे में प्रदूषण को लगाम में रखना चुनौतीपूर्ण टास्क है। ऐसे में सरकार ने इस बात अभी से एंटी डस्ट कैंपेन लॉन्च कर दिया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Prabhanshu Ranjan

•

Updated: 7 Oct 2022, 8:24 AM IST

construction_work.jpg

Delhi Pollution Control Anti Dust Campaign Starts 5 lakh fine for breaking rule

Anti Dust Campaign in Delhi: ठंड के मौसम में दिल्ली के प्रदूषण को लगाम में रखना एक चुनौतीपूर्ण टास्क है। ऐसे में सरकार ने इस बात अभी से एंटी डस्ट कैंपेन लॉन्च कर दिया है। दिल्ली में कंस्ट्रक्शन साइटों पर निर्माण संबंधी 14 एंटी डस्ट नियमों को लागू करना जरूरी हो गया है। कंस्ट्रक्शन साइटों पर इन नियम उल्लंघन होने पर एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक 10 हजार से 5 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। एंटी डस्ट अभियान के तहत दिल्ली में 586 टीमों का गठन किया गया है। जिसमें डीपीसीसी की 33 टीमें शामिल हैं।

नियमों के अनुसार सभी साइटों पर निर्माण स्थल के चारों तरफ धूल रोकने के लिए ऊंची टीन की दीवार खड़ी करना जरूरी है। धूल प्रदूषण को लेकर पहले केवल 20 हजार वर्ग मीटर से ऊपर के निर्माण साईट पर ही एंटी स्मोग गन लगाने का नियम था। अब नए नियम के आधार पर 5 हजार वर्गमीटर से लेकर उससे अधिक के एरिया के निर्माण साइट पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।


5 हजार से 10 हजार वर्ग मीटर की निर्माण साईट पर 1 एंटी स्मॉग गन, 10 हजार से 15 हजार वर्ग मीटर साइट पर 2, 15 हजार से 20 हजार वर्ग मीटर की निर्माण साइट पर 3 और 20 हजार वर्ग मीटर से ऊपर की निर्माण साइट पर कम से कम 4 एंटी स्मॉग गन होनी चाहिए। इनके अलावा निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य के लिए निर्माणाधीन क्षेत्र और भवन को तिरपाल या नेट से ढकना जरूरी है। मलबा चिन्हित जगह पर ही डालना जरूरी है, सड़क के किनारे उसके भंडारण पर प्रतिबंध है।


दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सर्दी के मौसम में दिल्ली के प्रदूषण को कम करने के लिए विंटर एक्शन प्लान की घोषणा की है। जिसके आधार पर संबंधित विभागों ने इसे जमीन पर लागू करने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए एक ग्रीन वॉर रूम भी लॉन्च किया है, जहां से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।

यह भी पढ़ें - प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रीन वार रूम लॉन्च, 12 सदस्यों की टीम करेगी मॉनिटरिंग


एंटी डस्ट कैंपेन की टीम टीम 6 अक्टूबर से ही लगातार निर्माण साइट्स का दौरा करेगी। यह सुनिश्चित करेगी कि वहां निर्माण संबंधी दिशा निदेशरें का पालन हो। निर्माण साइट्स पर 14 सूत्रीय नियमों को लागू करना जरूरी है, जिसके लिए एंटी डस्टअभियान आज से शुरू किया जा रहा है जो कि 6 नवंबर तक चलेगा।


पर्यावरण मंत्री ने कहा कि जो भी साइट्स डस्ट कंट्रोल के नियम का पालन नहीं करेगा। उसपर कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी। कंस्ट्रक्शन साइटों पर नियम के उल्लंघन होने पर एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक 10 हजार से 5 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा उल्लंघन मिलने पर उससे अधिक रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। अगर ज्यादा उलंघन होगा तो कंस्ट्रक्शन साइट को बंद कर दिया जाएगा।