30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मालदीव में तैनात भारतीय सेना की कब होगी वतन वापसी, दोनों पक्षों ने मुलाकात के बाद लिया ये अहम फैसला

India-maldives: भारत के पास द्वीपसमूह के विशाल समुद्री क्षेत्र में गश्त करने के लिए तीन विमानों को संचालित करने के लिए चिकित्सा कर्मचारियों सहित लगभग 80 कर्मियों की तैनाती है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Akash Sharma

•

Updated: 3 Feb 2024, 2:14 PM IST

पीएम नरेंद्र मोदी और मालदीव राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू

पीएम नरेंद्र मोदी और मालदीव राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू

भारत-मालदीव दोनों देशों के कोर समूह की बैठक नई दिल्ली में हुई। भारतीय सैनिकों को मालदीव से बाहर निकाला जाए या नहीं। दोनों देशों ने इस पर निर्णय लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में बैठक की और नई दिल्ली ने कहा कि वे पारस्परिक रूप से व्यावहारिक समाधानों के एक मत पर सहमत हुए हैं। इसमें सैनिकों की वापसी का कोई उल्लेख नहीं है। वहीं दूसरी ओर, मालदीव ने दावा किया कि मई तक भारतीय सैनिकों को वापिस भेज दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने चल रही विकास सहयोग परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने सहित साझेदारी को बढ़ाने के कदमों की पहचान करने की दिशा में द्विपक्षीय सहयोग से संबंधित व्यापक मुद्दों पर अपनी चर्चा जारी रखी।

80 सैनिक तैनात

भारत के पास द्वीपसमूह के विशाल समुद्री क्षेत्र में गश्त करने के लिए तीन विमानों को संचालित करने के लिए चिकित्सा कर्मचारियों सहित लगभग 80 कर्मियों की तैनाती है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष मालदीव के लोगों को मानवीय और मेडवैक सेवाएं प्रदान करने वाले भारतीय विमानन प्लेटफार्मों के निरंतर संचालन को सक्षम करने के लिए पारस्परिक रूप से व्यावहारिक समाधानों के एक सेट पर भी सहमत हुए हैं।

COP28 में लिया था ये निर्णय

मालदीव के विदेश मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भारत सरकार 10 मार्च तक तीन विमानन प्लेटफार्मों में से एक में सैन्य कर्मियों को बदल देगी और अन्य दो प्लेटफार्मों में सैन्य कर्मियों को बदलने का काम 10 मई तक पूरा कर लेगी। दिसंबर में दुबई में COP28 शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और मुइज़ू के बीच एक बैठक के बाद दोनों पक्षों ने कोर ग्रुप स्थापित करने का निर्णय लिया।

15 मार्च तक सैनिक वापिस बुलाने को कहा

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारतीय सेना को बाहर निकालने का वादा करने के बाद नवंबर में सत्ता में आए। नई दिल्ली हिंद महासागर द्वीपसमूह को अपने प्रभाव क्षेत्र में मानता है, लेकिन मालदीव अपने सबसे बड़े बाहरी ऋणदाता चीन की कक्षा में स्थानांतरित हो गया है। जनवरी में चीन की अपनी पहली राजकीय यात्रा से लौटने पर, राष्ट्रपति ने भारत से 15 मार्च तक अपने सैनिक वापस बुलाने को कहा।
ये भी पढ़ें:Pakistan Bomb blast: एक बार फिर दहला पाक, इलेक्शन से पहले चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर बम विस्फोट