
प्रशांत किशोर ने बिहार की सड़कों पर नीतीश कुमार को मारे ताने, कहा - '90 के दशक के जंगलराज में बिहार'
भारत में पिछले कुछ सालों से सड़कों की हालत में बदलाव देखने को मिला है। पहले भारत की सड़कों के बीच गड्ढे दिख जाना आम बात हुआ करती थी। वहीं आज के समय की बात करें तो पहले से स्थिती काफी बेहतर हुई है। मगर इसी बीच बिहार के मधुबनी जिले की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिसके बाद से बिहार सरकार पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। ये तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इस तस्वीर में सड़कों में इतने गड्ढे बने हुए हैं, जिससे ऐसा लग रहा है की सड़कों पर कई सारे तालाब बने हुए हैं। वहीं सड़कों की इस खस्ताहाल को देखते हुए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।
गुरुवार को जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य की सड़कों को नया रूप देने के दावों को हवा में उड़ा दिया। प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा, "90 के दशक के जंगलराज में बिहार में सड़कों की स्थिति की याद दिलाता यह बिहार के मधुबनी जिले का नेशनल हाईवे 227 (L) है। अभी हाल में ही नीतीश कुमार जी एक कार्यक्रम में पथ निर्माण विभाग के लोगों को बोल रहे थे कि बिहार में सड़कों की अच्छी स्थिति के बारे में उन्हें सबको बताना चाहिए।"
दरअसल, 1990 के दशक का जंगल राज का संदर्भ प्रशांत किशोर ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से किया है। उन्होंने 15 साल तक बिहार पर शासन किया था, तब अराजकता और सड़कों की बदहाली आम थी। इन दो मुद्दों पर RJD को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा।
बता दें, प्रशात किशोर ने 2015 के विधानसभा चुनावों में लालू-नीतीश गठबंधन को जीत दिलाने में मदद की थी, तब नीतीश कुमार के नेतृत्व में दो साल बाद उनके नंबर दो के रूप में काम करने के बाद अब प्रशांत किशोर को लगता है कि दोनों नेताओं ने राज्य को नीचा दिखाया है।
वहीं रिपोर्ट के मुताबिक 2015 से मधुबनी के ये सड़के पूरी तरह से जर्जर हालत में है। सबसे बड़ा गड्ढा 100 फीट का है। इस सड़क से छोटी गाड़ियों समेत ट्रक और डंपर जैसे बड़े वाहन भी रोजाना गुजरते हैं। ऐेसे में हादसों का डर बना रहता है। इसकी मरम्मत के लिए अब तक तीन बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन काम अधूरा छोड़ अब सभी ठेकेदार गायब हैं।
Published on:
23 Jun 2022 05:03 pm
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