राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद आज से लद्दाख और जम्मू कश्मीर दौरे पर, जानिए उनके कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की अपनी यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद लेह के सिंधु घाट पर सिंधु दर्शन और पूजा करेंगे। ये रिवरबैंक अपने सुंदर और प्राकृतिक परिदृश्य के लिए जाना जाता है, वहीं शुक्रवार को द्रास में जवानों के साथ दशहरे का पर्व मनाएंगे

By: धीरज शर्मा

Published: 14 Oct 2021, 09:41 AM IST

नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ( President Ram Nath Kovind ) के लद्दाख और जम्मू-कश्मीर दौरे की आज से शुरुआत होगी। महामहीम इस वर्ष जवानों के साथ लद्दाख के द्रास इलाके में दशहरा मनाएंगे।
द्रास दुनिया के सबसे ठंडे स्थानों में से एक है, यहां तापमान -40 डिग्री से भी नीचे पहुंच जाता है।

राष्ट्रपति अब उस परंपरा को तोड़ते नजर आ रहे हैं, जब वो आमतौर पर राष्ट्रीय राजधानी में हर साल दशहरा समारोह में भाग लेते थे। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक आधिकारिक सूचना के मुताबिक राष्ट्रपति 14 और 15 अक्टूबर को दो दिवसीय लद्दाख एवं जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे।

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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की अपनी यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद लेह के सिंधु घाट पर सिंधु दर्शन और पूजा करेंगे। ये रिवरबैंक अपने सुंदर और प्राकृतिक परिदृश्य के लिए जाना जाता है।

ये लेह में शे गांव के पास स्थित है और पृष्ठभूमि में बंजर पहाड़ों के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी करता है, जो इस क्षेत्र के लिए विशिष्ट हैं।

शाम को पहुंचेंगे जम्मू कश्मीर
राष्ट्रपति गुरुवार शाम को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की यात्रा करेंगे और भारतीय सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय उधमपुर में तैनात भारतीय सैनिकों के साथ बातचीत करेंगे।

बता दें कि यह शहर, जिले की राजधानी के रूप में काम करता है। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर यात्रा करते समय यह सशस्त्र बलों के लिए स्ट्रेटजिक ट्रांजिट पॉइंट है।

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शुक्रवार को द्रास में जवानों के साथ मनाएंगे दशहरा
राष्ट्रपति कोविंद 15 अक्टूबर यानी शुक्रवार को लद्दाख के द्रास जाएंगे और कारगिल युद्ध स्मारक पर 1999 के कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।

दरअसल द्रास को लद्दाख का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। यह अपने हाई एल्टीट्यूड वाले ट्रेकिंग वे और पर्यटन स्थलों के लिए मशहूर है।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मिलिट्री पॉइंट भी है। यहां भारतीय सेना के जवानों को नियंत्रण रेखा ( LoC ) की रक्षा के लिए पूरे साल बढ़ती ऊंचाई और ठंडे तापमान का सामना करना पड़ता है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद यहां जवानों के साथ दशहरा सेलिब्रेट करेंगे।

धीरज शर्मा
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