scriptrahul gandhi first reaction on kashmir issue said hm amit shah does not know history jawahar lal nehru | 'नेहरू ने देश के लिए जिंदगी दी, वो इतिहास नहीं जानते', राहुल गांधी ने अमित शाह पर बोला हमला | Patrika News

'नेहरू ने देश के लिए जिंदगी दी, वो इतिहास नहीं जानते', राहुल गांधी ने अमित शाह पर बोला हमला

locationनई दिल्लीPublished: Dec 12, 2023 04:04:50 pm

Submitted by:

Paritosh Shahi

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है और पंडित जवाहर लाल नेहरू ने देश के लिए क्या किया इस बारे में वह पूरी तरह से अनभिज्ञ है।

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शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर संसद में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधा था। उनको कश्मीर में बिगड़े हालात के लिए जिम्मेदार बताया था। इसको लेकर वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि अमित शाह को इतिहास की जानकारी नहीं है, वो सिर्फ मुद्दों को भटकाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, "जवाहर लाल नेहरू ने अपनी जिंदगी इस देश के नाम कर दी। सालों तक जेल में रहे। अमित शाह को इतिहास नहीं पता है। वो इसे रि-राइट करने की कोशिश कर रहे हैं और मुद्दों को भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। असली मुद्दा तो जातीय जनगणना है. पीएम ओबीसी हैं लेकिन केंद्र सरकार के 90 सचिवों में से सिर्फ तीन ओबीसी क्यों हैं? हम ओबीसी की भागीदारी और जातीय जनगणना के मुद्दे पर बने रहेंगे।"


मोदी सरकार पर साधा निशाना

आगे राहुल ने कहा, "छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के मुख्यमंत्री भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से थे और अब जब उन्हें बहुमत मिला है तो उन्होंने भी ओबीसी मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की। मुद्दा यह नहीं है कि किसने किसे मुख्यमंत्री बनाया बल्कि सवाल यह है कि देश के विकास की संरचना में इन वर्गों का प्रतिशत कितना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी ओबीसी श्रेणी से हैं, लेकिन जो सरकार चलाने वाले मुख्य 90 लोग हैं उनमें से केवल तीन ओबीसी वर्ग से हैं और उनके कार्यालय एक कोने में हैं।"

अमित शाह ने क्या आरोप लगाए थे

जम्मू कश्मीर पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा था "हमारी सेना जीत रही थी और दुश्मन देश की सेना पीछे हट रही थी। उस वक्त अगर नेहरू जी दो दिन और रुक जाते और सीजफायर नहीं करते तो पूरा कश्मीर आज हमारा होता। देश में 550 रियासतों का विलय हुआ कहीं भी धारा 370 नहीं लगी। जम्मू-कश्मीर जवाहर लाल नेहरू देख रहे थे तो वहीं क्यों लगी? तीन परिवारों ने अपने फायदे के लिए जम्मू-कश्मीर के एसटी समुदाय को उनके अधिकारों से वंचित रखा। सभी जानते हैं कि कश्मीर के विलय में देरी इसलिए हुई क्योंकि शेख अब्दुल्ला को विशेष स्थान देने का आग्रह था। देरी की वजह से पाकिस्तान को आक्रमण करने का मौका मिला। जवाहर लाल नेहरू ने सिर्फ एक जम्मू-कश्मीर का काम देखा और वो भी आधा छोड़कर चले आए थे। कश्मीर का मामला यूएन में लेकर चले गए। लेकर ही नहीं जाना था। अगर लेकर भी चले गए तो अनुच्छेद 51 के तहत क्यों लेकर गए. देश की जनता अब समझ चुकी है कि कश्मीर के सवाल के मूल में जवाहर लाल नेहरू जी की गलतियां थीं।"

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