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सनातन विवाद पर स्टालिन को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- आपको परिणाम पता होना चाहिए

locationनई दिल्लीPublished: Mar 04, 2024 03:58:10 pm

Submitted by:

Akash Sharma

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले को 15 मार्च तक के लिए स्थगित करने से पहले तमिलनाडु के मंत्री और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन से कहा कि आपने जो कहा उसके परिणाम जानते हैं? आप आम आदमी नहीं हैं। आप एक मंत्री हैं। आपको परिणाम पता होना चाहिए।

Tamil Nadu minister and DMK leader Udhayanidhi Stalin gets rebuke from Supreme Court

तमिलनाडु के मंत्री और DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को मिली सुप्रीम कोर्ट की फटकार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने आज तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म वाले उनके विवादास्पद बयान पर फटकार लगाई। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने भड़काऊ टिप्पणी करने के बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के मंत्री के फैसले पर सवाल उठाया और कहा कि एक मंत्री के रूप में उन्हें अपने शब्दों के परिणामों के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए।

‘आपने जो कहा उसके परिणाम जानते हैं’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हैं। आप अनुच्छेद 25 के तहत अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हैं। अब आप अनुच्छेद 32 के तहत अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं (सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के लिए)? सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले को 15 मार्च तक के लिए स्थगित करने से पहले कहा कि आपने जो कहा उसके परिणाम जानते हैं? आप आम आदमी नहीं हैं। आप एक मंत्री हैं। आपको परिणाम पता होना चाहिए।

क्या था मामला

उदयनिधि स्टालिन का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सभी FIR को क्लब करने का अनुरोध करते हुए राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपील की। उन्होंने बताया कि ये FIR उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में दर्ज की गई थीं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर 2023 में एक सम्मेलन के दौरान विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। इस टिप्पणी पर भारी प्रतिक्रिया सामने आई थी, खासकर भाजपा नेताओं की। मंत्री ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से करने की आलोचना की।

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