चीन पर तमतमाया अमेरिका, कहा- एक देश नहीं रोक सकता NSG में भारत की एंट्री

चीन पर तमतमाया अमेरिका, कहा- एक देश नहीं रोक सकता NSG में भारत की एंट्री

pawan kumar pandey | Publish: Jun, 29 2016 11:51:00 PM (IST) राष्ट्रीय

सहमति पर आधारित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश को सिर्फ एक देश नहीं रोक सकता है। अमेरिका भारत को एनएसजी में सदस्यता दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सहमति पर आधारित परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश को सिर्फ एक देश नहीं रोक सकता है। अमेरिका भारत को एनएसजी में सदस्यता दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। अमेरिका के राजनीतिक मामलों के उपमंत्री थॉमस शैनन ने एनएसजी मामले में चीन को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि बस एक देश के चलते इस पर बनी अंतरराष्ट्रीय सहमति को नहीं तोड़ा जा सकता और जोर दिया कि ऐसे सदस्य को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। 



साउथ चाइना सी में चीन जो कर रहा है वो पागलपन है 

टॉम ने अफसोस जताते हुए कहा कि सियोल में पिछले हफ्ते समूह की सालाना बैठक में उनकी सरकार भारत को सदस्य बनाने में सफल नहीं रही। भारत को एशिया प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता का वाहक बताते हुए शैनन ने कहा कि चीन दक्षिण चीन सागर में जो कर रहा है वह पागलपन है और अमेरिका चाहता है कि हिंद महासागर में नई दिल्ली बड़ी भूमिका निभाए। 



भारत को बताया महत्वपूर्ण शक्ति

परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में भारत को भरोसेमंद और महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए शेनन ने कहा कि हम इस बात पर प्रतिबद्ध हैं कि एनएसजी समूह में शामिल हो। शैनन ने विदेश सचिव एस. जयशंकर से मुलाकात की।



चीन ने जताया था विरोध

गौरतलब है कि एनएसजी में भारत के प्रवेश को लेकर चीन शुरू से ही विरोध जताता आ रहा है। सियोल में हुई मीटिंग के दौरान पर भारत की सदस्यता को लेकर हुई चर्चा में चीन समेत कुछ देशों ने अपना विरोध जताया था। चीन का कहना है कि एनटीपी पर साइन करने वाला देश ही एनएसजी का सदस्य बन सकता है। बता दें कि भारत ने अभी तक एनटीपी पर साइन नहीं किए हैं।   



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