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Uttarakhand Rain: बाढ़ और भूस्खलन ने मचाई तबाही, अब तक 47 लोगों की गई जान, आज भी कई इलाकों में बारिश के आसार

Uttarakhand Rain भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। मंगलवार को 42 लोगों को मौत के साथ अब इस तबाही से मरने वालों का आंकड़ा 47 तक पहुंच गया है, सबसे ज्यादा नुकसान नैनीताल में हुआ है वहीं कुमाऊं और गढ़वाल में भी कई लोगों की जान गई है, बुधवार शाम को अमित शाह पहुंचेंगे उत्तराखंड
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Dheeraj Sharma

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Updated: 20 Oct 2021, 10:20 AM IST

Uttarakhand Rain

Uttarakhand Rain

नई दिल्ली। उत्तराखंड में बारिश ( Uttarakhand Rain ), भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में आई इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 47 तक पहुंच गया है। अकेले नैनीताल में 25 लोगों की मौत हुई है। कुमाऊं और गढ़वाल इलाकों को मिलाकर 42 लोगों की जान गई है।

अब भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन मुस्तैदी से हालातों पर नजर बनाए हुए है। रेस्क्यू ऑपरेशन ( Rescue Operation ) भी जारी है। खुद पीएम मोदी ने राहत और बचाव कार्य जारी रहने की बात कही है। वहीं सीएम पुष्कर धामी ने भी इलाकों का दौरा किया।

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बुधवार को भी बारिश का अलर्ट
कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र में 42 और लोगों की मौत के साथ ही आपदा के कारण मरने वालों की संख्या 47 हो गई है क्योंकि पांच लोगों की मौत सोमवार को हुई थी। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के आसार बने हुए हैं।

भूस्खलन और बादल फटने की वजह से जो सैलाब आया, उसमें फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। जानकारी के मुताबिक, कुमाऊं में पानी का स्तर कम हो रहा है, लेकिन रास्ते खुलने में अभी वक्त लग सकता है।

बारिश-बाढ़ के चलते कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। बड़ी संख्या में लोग जगह-जगह फंसे हुए हैं। ऐसे में SDRF और NDRF के साथ पुलिस की टीमें भी लोगों के बचाव काम में जुटी है।

सेना के तीन हेलीकॉप्टर से ली जा रही मदद
सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि भारतीय वायु सेना ( IAF ) के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में पहुंच गए हैं और राहत और बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं। इनमें से दो हेलीकॉप्टर नैनीताल जिले में तैनात किए गए हैं जबकि तीसरा गढ़वाल क्षेत्र में बचाव अभियान में जुटा है।

उफान पर नदियां
एसईओसी ने कहा कि राज्य की अधिकतर नदियां उफान पर हैं और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 293.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 294 मीटर से मामूली नीचे है।

नैनीताल में 90 मिलीमीटर, हल्द्ववानी में 128 मिमी, कोश्याकुटोली में 86.6 मिमी, अल्मोड़ा में 216.6 मिमी, द्वाराहाट में 184 मिमी और जागेश्वर में 176 मिमी बारिश हुई, जिसके बाद हर तरफ सैलाब ही नजर आ रहा है। जिन स्थानों पर भूस्खलन हुआ है, वहां सड़कों से मलबा हटाने का काम जारी है।

रामनगर में आर्मी के हेलीकॉप्टर की मदद से दो दर्जन से ज्यादा गांव वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है. पंतनगर में तीन जगहों पर फंसे 25 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।

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शाम को शाह पहुंचेंगे उत्तराखंड
गृहमंत्री अमित शाह बुधवार शाम को बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात की समीक्षा के लिए उत्तराखंड जाएंगे। वहीं, 21 अक्टूबर यानी गुरुवार को वे बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे।