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Rahul Gandhi: कंसल्टेशन फर्म से शुरू की नौकरी, कैसे हुई राहुल की राजनीति में एंट्री, क्या है हॉबी, फिटनेस के राज से लेकर जानें ये बड़े तथ्य

locationनई दिल्लीPublished: Apr 03, 2024 05:13:06 pm

Submitted by:

Anish Shekhar

Rahul Gandhi’s Facts: क्या आप जानते हैं कि राहुल ने अपने करियर की शुरुआत एक कंसल्टेशन फर्म के साथ की थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जिंदगी से जुड़े कई तथ्य दुनिया के सामने है, लेकिन कुछ ऐसे तथ्य भी है जो बेहद कम लोग जानते हैं। चलिए जानते है उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ फैक्टस..
 

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19 जून 1970 को पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी और सोनिया गांधी के घर जन्मे राहुल गांधी इंदिरा गांधी के पोते, पूर्व प्रधान मंत्री और देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू के परपोते हैं।
1. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राहुल गांधी की पढ़ाई घर पर ही हुई। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में हार्वर्ड चले गए। अपने पिता की हत्या के बाद राहुल गांधी फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज चले गए। कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज से मास्टर डिग्री के बाद, उन्होंने यूके में एक कंसल्टेशन फर्म ‘मॉनिटर कंपनी’ के साथ अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की। उनकी पहली सैलरी लगभग 3,000 पाउंड थी और तब वे 25 वर्ष के थे।
2. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह कार्बोहाइड्रेट से परहेज करते हैं लेकिन अगर उन्हें चावल या रोटी खानी है तो वह रोटी पसंद करेंगे। एक नॉन-वेज प्रेमी के रूप में, उनके पसंदीदा व्यंजन चिकन टिक्का, सीख कबाब और एक सादा आमलेट हैं। वह सुबह एक कप कॉफ़ी पीना पसंद करते हैं।
3. राहुल गांधी के अनुसार, वह हमेशा किसी न किसी तरह की फिजिकल फिजिकल एक्टिविटी में रहे हैं। मार्शल आर्ट के अलावा वह गोताखोरी भी जानते हैं। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी वह नियमित मार्शल आर्ट की कक्षाएं ले रहे थे।
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4. राहुल गांधी ने 2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान यूपी की अमेठी सीट से चुनावी राजनीति में प्रवेश किया, जो उस समय नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ था। इस हाई-प्रोफाइल लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व पहले राजीव गांधी, सोनिया गांधी और संजय गांधी ने किया था।
5. 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सत्ता में आया। राहुल गांधी सरकार का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने पार्टी में काम करने पर ध्यान केंद्रित किया और 2007 में उन्हें कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया गया। वह 2009 में अमेठी से संसद के लिए चुने गए। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के 200 से अधिक सीटें जीतने के साथ, पार्टी के अंदर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद संभालने की मांग तेज हो गई। हालांकि, वह मनमोहन सिंह सरकार में किसी भी मंत्रालय का हिस्सा नहीं थे।
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6. राहुल गांधी को 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यूपीए सरकार को 2014 के चुनावों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की लहर के सामने हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस अपनी अब तक की सबसे कम 44 सीटों पर सिमट गई। हालांकि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव जीतने में कामयाब रहे, लेकिन उन्हें बीजेपी की स्मृति ईरानी से कड़ी टक्कर मिली।
7. 2017 में, राहुल गांधी को उनकी मां सोनिया गांधी की जगह कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति के एक साल से भी कम समय में, कांग्रेस ने तीन विधानसभा चुनावों – राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत हासिल की। इस जीत ने 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के संभावित पुनरुद्धार की उम्मीद जगी। हालांकि चुनावी नतीजे एक बार फिर कांग्रेस के खिलाफ रहे। पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी ने लोकसभा में 300 से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी जमीन को और मजबूत किया। कांग्रेस को महज 52 सीटें मिलीं, राहुल गांधी अपनी पारिवारिक गढ़ अमेठी हार गए, लेकिन वायनाड से चुने गए। चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
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