रिटायर्ड टीचर की दो माह बाद हुई चोरी की रिपोर्ट

- जीरन थाने के बमोरा गांव का मामला
- चोरी में नहीं कर रही गहनता से पुलिस तफ्तीश

By: Mahendra Upadhyay

Published: 10 Mar 2019, 10:20 AM IST

नीमच। जिले के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सगर जहां जनसंवाद कर ग्रामीणों की समस्या सुनने और निराकरण करने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन पुलिस अपनी पुरानी परम्परा को छोडऩे के लिए तैयार नहीं है। आज भी हालत यह है कि फरियादी को चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर कांटने पड़ते है। उसके बाद भी बड़ी मुश्किल से उसकी रिपोर्ट दर्ज होती है। जबकि आलाधिकारियों के आदेश है कि फरियादी की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर उसके बयान लेकर तफ्तीश शुरू की जाए। ऐसा ही कुछ मामला जीरन थाने में सामने आया है। बमोरा गांव के रिटायर्ड शिक्षक कंवरलाल शर्मा के घर में ६ दिसंबर को चोरी हुई और वह थाने के चक्कर काटते रहे और पुलिस उन्हें टालती रही, आलाधिकारी को सूचित करने के बाद थाना प्रभारी ने दो माह बाद प्रकरण दर्ज किया और उसके बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। अभी भी शिक्षक थाने के चक्कर काट रहा है, शिक्षित व्यक्ति का थाने पर यह हाल है तो अंदाजा लगा ले गरीब अनपढ़ काश्तकार के साथ क्या हाल होता होगा।

पीडि़त रिटार्यड टीचर कंवरलाल पिता तुलसी वल्लभ शर्मा ने बताया कि उनके दो बेटे कैलाशचंद शर्मा और रमाकांत शर्मा है। बड़ा बेटा कैलाशचंद टीचर है और छोटा बेटा रमाकांत की कृषि बीज की दुकान है। संयुक्त परिवार है। दिनांक ६ दिसंबर की रात्रि की घटना है। कोई अज्ञात बदमाश घर की दिवार फांदकर घर में घुसा। चौक के पास वाले कमरे में टेबल पर रखी चाबी से कमरे का ताला खोलकर कमरे में रखी रकमें दो जोड़ चांदी की पायजेब १०० ग्राम, सोने के दस मोती, चंडी की चेन ५० ग्राम, दो मंगलसूत्र सोने का दस मोती वाला, सोने की चेन दस ग्राम, सोने की अंगूठी दस ग्राम, एक लेडिज सोने की अंगूठी चार ग्राम व नगदी १ लाख ७० हजार रुपए चोरी की है। भाई की पेंट की जेब तक से करीब सात हजार रुपए चोर चोरी कर ले गए। गोदरेज की अलमारी से नगदी चुराई है। कंवरलाल ने पोती की शादी के लिए पेंशन के रुपए इक्कठे कर रखे थे। वहीं जिन पेटी का ताला नहीं टूटा वह उठाकर ले गए थे और वह घर से ५०० मीटर दूर गांव की सूनसान सड़क पर मिली थी। मामले में पुलिस थाने पर चक्कर कटाए जा रहे थे। जिसके बाद उन्होंने एसपी और डीएसपी सिकरवार को शिकायत दी उसके बाद जीरन थाना पुलिस ने ३० जनवरी को रिपोर्ट दर्ज की और एफआईआर में लिखा है कि फरियादी ने देरी से सूचना दी। जबकि उन्होंने घटना के दिन ही थाने को सूचित कर दिया था। उन्हें एफआईआर दर्ज करने के लिए चक्कर कटाए जा रहे थे।

थाने को दिए संदिग्धों के नंबर
कंवरलाल के बेटे टीचर कैलाशचंद ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर एसपी राकेश कुमार सगर को भी शिकायत दी थी, जिन्होंने डीएसपी सिकरवार को जांच सौंपी थी। जिन्होंने सायबर की मदद से उस दिन दो संदिग्ध मोबाइल ट्रेस कर नंबर थाना प्रभारी को भेजे है। लेकिन उसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी।

मैं चुनाव ड्यूटी में लगा था
इनकी चोरी की घटना के समय में चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण एफआईआर में देरी हुई है। अभी जांच चल रही है। दो संदिग्ध डिटेक्ट किए है, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही चोर पकड़े जाएंगे।
- केसी शर्मा, थाना प्रभारी जीरन थाना।

Mahendra Upadhyay
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