खसरा नकल में लिखा होगा प्याज, तभी मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ

खसरा नकल में लिखा होगा प्याज, तभी मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ

Mahendra Kumar Upadhyay | Publish: May, 24 2019 01:41:00 PM (IST) | Updated: May, 24 2019 01:41:01 PM (IST) Neemuch, Neemuch, Madhya Pradesh, India

-31 मई तक होगा मनासा और नीमच मंडी में प्याज का पंजीयन
-800 रुपए रहेगा समर्थन मूल्य, अंतर की राशि का होगा ऑनलाइन भुगतान

नीमच. समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी १ जून से प्रारंभ हो जाएगी। जिसके तहत नीमच और मनासा मंडी में पंजीयन ३१ मई तक किया जाएगा। इस बार ८ रुपए प्रति किलो समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदा जाएगा। जिसमें अन्नदाता को भावांतर की तरह लाभ मिलेगा। क्योंकि प्याज व्यापारी ही खरीदेगा। लेकिन यह बात तय है कि किसान की खसरा नकल में प्याज होना जरूरी है। अन्यथा वे इस योजना के तहत प्याज नहीं बेच पाएंगे।
मुयमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना के तहत यंू तो २० मई से पंजीयन का काम शुरू हो गया था। लेकिन चुनाव के चलते प्रक्रिया की रतार धीमी रही, लेकिन अब किसान पंजीयन कराने पहुंचने लगे हैं। नीमच मंडी में करीब २० किसान पंजीयन कराने पहुंचे थे। लेकिन सर्वर डाऊन होने के कारण एक किसान का पंजीयन हो पाया, शेष किसानों के आवेदन रख लिए गए। अब पंजीयन ३१ मई तक अधिसुचित मंडी नीमच एवं मनासा में किया जाएगा। पंजीयन कराने के लिए किसान को भू अधिकार पुस्तिका, खसरा नकल, आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक या सहकारी बैंक की पासबुक के प्रथम पेज की फोटोकॉपी जिसमें खाता नंबर और आईएफएस कोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दे। यह दस्तावेज लगाने होंगे। किसान अधिकतम २.०० हेक्टेयर तक रकबा पंजीयन करवा सकता है। पट्टे की भूमि एवं सिकमी (लीज) की भूमि आवेदन के लिए मान्य नहीं होंगे।
खसरा नकल में प्याज लिखा होना अनिवार्य
वैसे तो किसान को पंजीयन कराते समय खसरा नकल प्रस्तुत करनी होगी। ताकि पंजीयन में ही दर्ज हो जाएगा कि प्याज किसान ने बोया था या नहीं, क्योंकि रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग के द्वारा पटवारी गिरदावरी अनुसार होगा, वही मान्य होगा। यानि खसरा नकल में अगर प्याज लिखा है तो ही किसान को योजना का लाभ मिलेगा। अगर कोई किसान पंजीयन कराते समय खसरा नकल नहीं लगा पाता है तो उसे प्याज बेचते समय नकल दिखाना होगा, उस समय भी किसान नहीं लाया तो उपस्थित अधिकारी जांच करेंगे कि वास्तव में किसान की खसरा नकल में प्याज लिखा है या नहीं। अगर किसान की नकल में प्याज का रकबा और प्याज दर्शाया होगा, तभी किसान को इस योजना का लाभ मिलेगा।
समर्थन मूल्य पर बिकेगा प्याज, किसान को मिलेगी अंतर की राशि
प्याज का समर्थन मूल्य ८०० रुपए क्ंिवटल रहेगा। वहीं प्याज की खरीदी मंडी में व्यापारी द्वारा ही की जाएगी। ऐसे में अगर किसान का प्याज नीलामी में ४, ५, ६ या जो भी दाम पर बिकेगा, उससे ८ रुपए प्रति किलो के मान से जो भी अंतर रहेगा। वह अंतर की राशि किसान के खाते में सीधे ऑनलाइन शासन द्वारा भेजी जाएगी।
वर्जन.
प्याज का पंजीयन ३१ मई तक किया जाएगा। इसके बाद १ जून से प्याज की खरीदी शुरू हो जाएगी। प्याज का समर्थन मूल्य ८ रुपए किलो रहेगा। इसमें व्यापारी द्वारा प्याज खरीदने पर नीलामी और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान सीधे किसान के खाते में किया जाएगा।
-एसएस सारस्वत, नोडल अधिकारी, नीमच मंडी
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