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संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और चीन पर बरसे विदेश मंत्री जयशंकर, आतंकवाद से निपटने का दिया मंत्र

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत ने तालिबान द्वारा अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे को वैश्विक शांति के लिए खतरनाक बताया है। इसके साथ ही दुनिया को आतंकवाद से निपटने का 8 सूत्रीय मंत्र भी दिया है।
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नई दिल्ली

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Nitin Singh

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Updated: 20 Aug 2021, 8:11 AM IST

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

नई दिल्ली। तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने को भारत ने वैश्विक शांति के लिए खतरनाक बताया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आतंकवादी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरे के विषय पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए 8 सूत्री फार्मूला भी पेश किया। इसमें किसी न किसी बहाने आतंकवाद का महिमामंडन बंद करने और आतंकवाद को लेकर दोहरा मानदंड नहीं अपनाने की अपील की गई है।

पाक और चीन पर बरसे विदेश मंत्री

माना जा रहा है कि विदेश मंत्री का इशारा सीधे तौर पर पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरफ था, जो पूरी दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले राष्ट्र के तौर पर चिह्नित हो चुका है।विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद से जुड़े मुद्दे पर पाकिस्तान की मदद करने वाले चीन को भी लताड़ लगाई है।

अगस्त के लिए यूएनएससी का अध्यक्ष है भारत

गौरतलब है कि भारत अगस्त के लिए यूएनएससी का अध्यक्ष बना है। वहीं भारत की अध्यक्षता में होने वाली दो अहम बैठकों में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री न्यूयार्क गए हैं। इस दौरान आतंकवाद पर गुरुवार को हुई बैठक की अहमियत अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए बढ़ गई है। जयशंकर के भाषण से साफ है कि नई परिस्थितियों में पाकिस्तान को लेकर भारत का रवैया अब पहले से भी सख्त होगा। वहीं दोनों देशों में सीज फायर होने के बाद रिश्तों में तनाव खत्म होने की संभावना जताई जा रही थी। अब हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। जयशंकर ने भले ही पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ था।

यह भी पढ़ें: Afghanistan: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया, तालिबान के कब्जे के बाद किस बात पर है भारत का फोकस

अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने भारत पर हुए मुंबई, पठानकोट, पुलवामा हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमें किसी भी सूरत में आतंकवाद के राक्षस से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। इन सभी आतंकी वारदातों में पाकिस्तान में पनाह पाए हुए आतंकी संगठनों का ना सिर्फ नाम आया है, बल्कि उसके सुबूत भी मिल चुके हैं।

अन्य देशों ने भी जताई चिंता

इस बैठक में कई अन्य देशों ने भी अफगानिस्तान के हालात को लेकर चिंता को सामने रखा। रूस ने कहा कि वह अफगानिस्तान में उन राजनीतिक ताकतों की मदद करेगा, जिनका आतंकवाद के साथ कोई लेना देना ना हो। ब्रिटेन ने चेतावनी दी कि हमें यह ध्यान रखना होगा कि अफगानिस्तान आतंकवाद का सुरक्षित पनाहगाह ना बने। चीन ने भी कहा कि अच्छे और बुरे आतंकवाद में विभेद नहीं होना चाहिए। साथ ही आतंकवाद के लिए किसी एक देश को जिम्मेदार ठहराने का चीन ने विरोध किया है।

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