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Afghanistan: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया, तालिबान के कब्जे के बाद किस बात पर है भारत का फोकस

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया, Afghanistan पर Taliban के कब्जे के बाद बदल रहे हालातों पर पूरी सावधानी से नजर रख रहा भारत
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Dheeraj Sharma

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Updated: 19 Aug 2021, 1:06 PM IST

S Jaishankar

EAM S Jaishankar

नई दिल्ली। अफगानिस्तान ( Afghanistan ) पर तालिबान ( Taliban ) के नियंत्रण के बाद भारत समेत कई देशों के नागरिक वहां फंसे हुए हैं। भारत लगातार अपने नागिरकों को सुरक्षित लाने के लिए कवायद में जुटा है। इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ( S Jaishankar ) का बड़ा बयान सामने आया है। विदेश मंत्री ने कहा है कि, भारत अफगानिस्तान में बदलते घटनाक्रम पर पूरी सावधानीपूर्वक नजर रख रहा है। साथ ही नई दिल्ली का फोकस युद्धग्रस्त राष्ट्र से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( UNSC ) में शांति रक्षा पर खुली चर्चा की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि, 'अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर लगातार चर्चाएं हों रही हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अन्य सहयोगियों के साथ ही अमरीका के विदेश मंत्री से भी इस पर चर्चा कर चल रही है।'

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एस जयशंकर ने कहा, 'इस वक्त हम दूसरों की तरह ही अफगानिस्तान में बदलते घटनाक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर बनाए हुए हैं। हमारा पूरा फोकस वहां मौजूद भारतीयों को सुरक्षित रखना और वापस लाने पर है।

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने हाल में तालिबान से कोई बात की है, जयशंकर ने कहा, 'मौजूदा समय में हमारी नजर काबुल में हो रहे घटनाक्रम पर टिकी है।

उन्होंने कहा, ' यह साफ है कि तालिबान और उसके प्रतिनिधि काबुल आ चुके हैं, इसलिए मुझे लगता है कि हमें चीजों को वहां से शुरू करने की जरूरत है।'

अफगानिस्तान में पिछले दो दशकों में भारत की ओर से किए गए निवेश से संबंधित एक अन्य सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, 'आपने निवेश शब्द का इस्तेमाल किया...मेरा मानना है कि इससे अफगान लोगों के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंधों का पता चलता है।'

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10 दिन में 2 बैठक
बता दें कि विदेश मंत्री सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान की स्थिति पर आपातकालीन बैठक की। दस दिनों के अंदर संयुक्त राष्ट्र के शक्तिशाली निकाय ने युद्धग्रस्त देश की स्थिति पर भारत की अध्यक्षता में ये दूसरी बैठक की थी।