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वैज्ञानिकों ने खोजे 7 और ग्रह, जहां रात की कोई सुबह नहीं

यूक्लिड स्पेस टेलीस्कोप की मदद से मिली बड़ी कामयाबी

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लंदन. यूरोप के वैज्ञानिकों ने सात नए ग्रहों का पता लगाया है, जो किसी तारे की परिक्रमा नहीं करते। पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है, लेकिन ये सातों ग्रह अपने हिसाब से मूव करते हैं। वहां कोई दिन या साल नहीं होता। हमेशा रात रहती है। इसके बावजूद वैज्ञानिकों का मानना है कि इन ग्रहों पर जीवन होने की संभावना है। हमारी आकाशगंगा में ऐसे खरबों ग्रह हो सकते हैं।साइंस टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक सातों ग्रह यूक्लिड स्पेस टेलीस्कोप की मदद से खोजे गए। हाल ही यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने इस टेलीस्कोप के पहले साइंटिफिक रिजल्ट जारी किए। यह टेलिस्कोप पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया गया था। जिन सात ग्रहों का पता चला है, वे बृहस्पति की तरह गैस के विशाल ग्रह हैं। उनका द्रव्यमान बृहस्पति से कम से कम चार गुना है। ग्रहों को पृथ्वी के सबसे करीबी तारा-निर्माण क्षेत्र ओरियन नेबुला में देखा गया। यह क्षेत्र पृथ्वी से करीब 1500 प्रकाश वर्ष दूर है।

इसलिए भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा...

यूक्लिड टेलिस्कोप ने पहले खोजे जा चुके दर्जनों अन्य ग्रहों को लेकर पुष्टि की है कि वे भी किसी तारे की परिक्रमा नहीं करते। शोध के लेखक स्पेनिश खगोलशास्त्री एडुआर्डो मार्टिन का कहना है कि आकाशगंगा का यह क्षेत्र आइसबर्ग के सिरे जैसा है। वहां के ग्रह किसी तारे की रोशनी को रिफ्लेक्ट नहीं करते। इसलिए उन्हें खोजना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है।

विस्तृत ब्योरा संभवत: 2027 के बाद

पहले के कुछ शोध में पता चला था कि हरेक तारे के आसपास कम से कम ऐसे 20 ग्रह हैं, जो उसका चक्कर नहीं लगाते। हमारी आकाशगंगा में ऐसे ग्रहों की संख्या कितनी है, यह वैज्ञानिकों के लिए अब भी पहेली बना हुआ है। इस बारे में विस्तृत ब्योरा 2027 के बाद मिल सकता है, जब अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी रोमन स्पेस टेलिस्कोप लॉन्च करेगी।

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