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राज्य में पीके.2 का कोई पुष्ट मामला नहीं : डॉ. रवि

पीके.2 ओमिक्रॉन जेएन.1 स्ट्रेन का वेरिएंट है और संयुक्त राज्य अमरीका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में जेएन.1 से आगे निकल गया है

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महाराष्ट्र में सामने आए कोरोना वायरस के नए सब- वेरिएंट पीके.2 के 90 से ज्यादा मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। हालांकि, अभी तक राज्य में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।

पीके.2 ओमिक्रॉन जेएन.1 स्ट्रेन का वेरिएंट है और संयुक्त राज्य अमरीका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में जेएन.1 से आगे निकल गया है। चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक संक्रामक होने के बावजूद पीके.2 विशेष परेशानी का सबब नहीं बनेगा। लोगों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार पीके.2 के कारण होने वाले लक्षणों की गंभीरता से निगरानी होनी चाहिए।राज्य कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति के प्रमुख डॉ. रवि के. ने कहा कि सभी वायरस उत्परिवर्तित होते हैं। यह सिर्फ एक वेरिएंट है, जिसमें जेएन.1 वेरिएंट के समान बुखार, खांसी और थकान के लक्षण मौजूद हैं। इस नए सब-वेरिएंट के बारे में चिंता का कोई विशेष कारण नहीं है। अन्य सब-वेरिएंट की तरह इसके भी अपने आप खत्म होने की संभावना है।

राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नागराज सी. के अनुसार कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले शरीर और समुदाय पर नए वेरिएंट के प्रभाव का गहन अध्ययन करना होगा। तब तक, मास्क पहनने और नियमित रूप से हाथ धोने की वही सावधानियां बरतनी चाहिए। हमेशा की तरह सह-रुग्णता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।कोविड के छिटपुट मामले देखने वाले चिकित्सकों के अनुसार कोविड जनित निमोनिया फिलहाल परेशान नहीं कर रहा है। यह बड़ी राहत है। कुछ अन्य विशेषज्ञों के अनुसार कोविड के टीकों को भी सामने आने वाले नए सब-वेरएिंट्स से लडऩे के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।