कितनी भी जांच हो, आरुषि के असली हत्यारों को पकड़ पाना नामुमकिन!

pallavi kumari

Publish: Oct, 12 2017 04:22:20 (IST)

Noida, Uttar Pradesh, India
कितनी भी जांच हो, आरुषि के असली हत्यारों को पकड़ पाना नामुमकिन!

तलवार दपंति और आरुषि को इंसाफ दिलाने के लिए मुहिम चला रही स्वाति ने कहा, इंसाफ तो मिला लेकिन कातिल नहीं आएगा पकड़ में...

नोएडा, पल्लवी कुमारी. बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. राजेश तलवार और नूपुर तलवार को रिहा कर दिया है। 26 नवंबर, 2013 को गाजियाबाद विशेष सीबीआई कोर्ट ने उनको उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तलवार दंपति इस समय गाजियाबाद के डासना जेल में बंद हैं। इस मामले में पिछले 2 साल से फ्री द तलवार कम्युनिटी के नाम से कैंपने चला रही लखनऊ की रहने वाली स्वाती वाजपेयी ने तलवार दंपती की रिहाई पर खुशी जताई है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि आरुषि के असली कातिल तक पहुंच पाना अब नामुकिन है।

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स्वाती वाजेपयी ने पत्रिका से बात करते हुए बताया, मैं बहुत खुश हूं कि मेरी मेहनत सफल हुई और जिसके लिए मैं पिछले 2 साल से लड़ रही थी, उनको आज इंसाफ मिल गया। लेकिन उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि आरुषि के असली कातिल तक पहुंच पाना अब काफी मुश्किल हो गया है। ये देश का सबसे बड़ा मिस्ट्री केस है। जिसको पिछले 9 साल से उलझा कर रखा गया है। ये केस अब आपस में इतना पेचिदा हो गया है कि असली हत्यारा कौन है, इसकी जांच कर पाना अब असंभव सा लगता है। स्वाती वाजेपयी ने यह भी बताया कि हालांकि अब मुझे नहीं लगता है कि कोर्ट इस मामले में फिर से जांच के आदेश देगा, क्योंकि जिस तरह इस हत्याकांड के सबूतों के साथ छेड़छाड़ किया गया है, उससे सारी कड़ी नहीं जुट पाएगी।

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आपको बतादें कि स्वाति फिलहाल सोशल मीडिया पर फ्री द तलवार कम्युनिटी चला रही हैं। ये कम्युनिटी किसी और ने शुरू की थी, लेकिन 17 अक्टूबर 2015 से स्वाति ने इसकी बागडोर अपने हाथों में ले ली। इस काम में स्वाति के देश विदेश के साथी मदद करते हैं। स्वाति रोजाना सीबीआई की थ्योरी पर सवाल उठाती रहती थी।

आपको बतादें कि हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी सजा तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कभी नहीं दी है। संदेह के आधार पर तलवार दंपति को फौरन रिहा करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई जांच में कई तरह की खामियां है। कोर्ट में फैसले के वक्त सीबीआई अफसरों सहित दोनों पक्षों के वकील मौजूद थे।

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