लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार उत्‍तर प्रदेश को देगी एक और नेशनल हाईवे का तोहफा, इनको होगा फायदा

लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार उत्‍तर प्रदेश को देगी एक और नेशनल हाईवे का तोहफा, इनको होगा फायदा

sharad asthana | Publish: Sep, 10 2018 02:54:58 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

11 सितंबर को बागपत से लेकर शामली तक 61 किमी लंबे इस हाईवे की नींव रख दी जाएगी

नोएडा। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने उत्‍तर प्रदेश के लोगों को एक हाईवे देने की तैयारी कर ली है। बसपा सरकार से बदहाल पड़े हुए दिल्‍ली-यमुनोत्री हाईवे (एनएच 709 बी) का शिलान्‍यास मुख्यमंत्री योगी आदियत्‍नाथ और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। जानकारी के अनुसार, वे मंगलवार 11 सितंबर को बागपत और सहारनपुर आएंगे।

यह भी पढ़ें: भारत बंद को लेकर यहां कांग्रेसी बंट गए कर्इ गुटों में आैर फिर जो यह हुआग

बागपत में चल रही हैं तैयारियां

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के बाद अब दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का शिलान्‍यास मुख्यमंत्री अौर सड़क परिवहन मंत्री करने आ रहे हैं। इसको लेकर बागपत में तैयारियां जोरों पर हैं। केंद्रीय मंत्री व बागपत सांसद सत्यपाल सिंह का कहना है कि 11 सितंबर को बागपत से लेकर शामली तक 61 किमी लंबे इस हाईवे की नींव रख दी जाएगी। छह माह में इस हाईवे को तैयार करना उनका लक्ष्य होगा। राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भी इसको जल्द से जल्द तैयार करने का वादा किया है। यह हाईवे बागपत की लाइफ लाइन कहा जाता है। इसके निर्माण से बागपत के विकास को चार चांद लग जाएंगे।

देखें वीडियो: मेरठ में कांग्रेस का भारत बंद बेअसर, बाजार खुले

यह है खासियत

यह हाईवे दिल्‍ली के शाहदार से लोनी, बागपत व शामली होते हुए सहारनपुर तक होगा। बागपत से शामली तक लगभग 61 किमी हाईवे के निर्माण में 558.20 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ है। इसमें शामली के एलम गांव में 2.8 किमी का बाईपास भी बनेगा। इसके बन जाने से दिल्ली से गाजियाबाद, नोएडा, बागपत और बड़ौत में यातायात सुविधा सुगम हो जाएगी। यह हाईवे फोन लेन होगा।

यह भी पढ़ें: Big Breaking: वेस्ट यूपी भारत बंद के दौरान कांग्रेसियों का उपद्रव, मुरादाबाद में रोकी ट्रेन

बसपा सरकार में शुरू हुआ था बनना

आपको बता दें क‍ि दिल्ली-यमुनोत्री स्टेट हाईवे 2010 में बसपा की मायावती सरकार में बनना शुरू हुआ था। उप्र स्टेट हाईवे अथॉरिटी (उपशा) को इसका निर्माण करना था। हाईवे में शामली व सहारनपुर में दो बाईपास भी बनने प्रस्तावित थे। निर्माण कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया था। जमीन अधिग्रहण में देरी और समय पर पेड़ कटान न होने पाने के कारण निर्माण पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया। इस बीच 2012 में सरकार बदल गई और सपा की अखिलेश सरकार आ गई। 2017 में भाजपा सरकार आते ही एक बार फिर लखनऊ से दिल्ली तक स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे बनाने के दावे शुरू हो गए।

यह भी पढ़ें: नरेंद्र मोदी सरकार की नर्इ योजना में लाइसेंसी सप्लायर से खरीद सकेंगे घर के लिए बिजली, जानिए इसके बारे में

Ad Block is Banned