Noida Authority की 201वीं बोर्ड बैठक में 28 एजेंडों पर लगी मुहर, अधिकारियों ने लिए कई बड़े फैसले

Highlights:

-नोएडा में बनाए जाएंगे चार नए पुलिस थाने

-अवारा गोवंशों के लिए बनेगी एक और गोशाला

-जल-सीवर बिल के बकायेदारों को भी राहत देने का फैसला

By: Rahul Chauhan

Published: 19 Jan 2021, 03:21 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की सोमवार को सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में हुई 201वीं बोर्ड बैठक में कुल 28 एजेंडे रखे गए। बैठक में 03 दिसंबर-2020 को हुई प्राधिकरण की 200वीं बैठक के प्रस्तावों की पुष्टि की गयी और 201वीं बोर्ड बैठक में पेश किए गए प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त और नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि प्राधिकरण ने 200वीं बोर्ड बैठक में 4 पुलिस थानों के सृजन के लिए प्रस्ताव अनुमोदित किया गया था। प्राधिकरण ने नोएडा के सेक्टर-106 और 143 में भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके लिए हरित क्षेत्र के भू-उपयोग परिवर्तन के लिए शासन से अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि किसानों से क्रय की गयी भूमि के एवज में उन्हें 5 प्रतिशत विकसित भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधियां मान्य करने के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में समिति का गठन करने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। वहीं 4000 वर्गमीटर और इससे अधिक क्षेत्रफल के भूखण्डों के आवंटन की प्रक्रिया का निर्धारण 4000 वर्गमीटर और इससे अधिक क्षेत्रफल के औद्योगिक भूखण्ड ओपन एंडेड योजना के तहत साक्षात्कार के माध्यम से भूखण्ड आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए गोशाला और एक नन्दीशाला के निर्माण के बाबत पेश किए गए प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी। पुलिस कंट्रोल रूम के पीछे शनि मन्दिर के पास 1500 गौवंशों एवं 500 नन्दी के लिए शेड बनाया जाएगा। इसमें 13.12 एकड़ भूमि पर प्रथम चरण में, 750 गौवंशों एवं 250 नन्दी के लिए गौशाला एवं नंदीशाला बनाया जाएगा। इस पर 979.80 लाख रुपये की लागत आएगी। यह काम 7 माह में पूरा किया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि स्पोर्ट सिटी योजनाओं (सेक्टर-78, 79, 101, 150 एवं 152) के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में स्टेक-होल्डर से प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वयन करने के लिए विचार-विमर्श किया। महायोजना में स्पोर्ट सिटी के प्राविधानों, सीएजी द्वारा उठाई गई आपत्तियों, प्राधिकरण द्वारा दिये गये उत्तर, स्थल पर वर्तमान में हो रहे निर्माण एवं विकास कार्यों तथा थर्ड पार्टी इन्ट्रेस्ट क्रिएट हो जाने के दृष्टिगत एवं विभिन्न स्टेक होल्डर्स के साथ आयोजित बैठकों में प्राप्त सुझावों को शासन स्तर के निर्देश के लिए भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वर्तमान में लागू लम्बित जल प्रभार/ब्याज एवं अनाधिकृत संयोजनों के नियमितीकरण के लिए तीन माह की ऐमनेस्टी स्कीम के तहत पैनल्टी/ ब्याज पर छूट देने का प्रस्ताव रखा गया। 31 दिसंबर 2020 तक देय जल प्रभार राशि को 31 जनवरी तक जमा कराने पर कुल देय ब्याज पर 40 प्रतिशत की छूट, 28 फरवरी तक जमा कराने पर 30 प्रतिशत की छूट तथा 31 मार्च तक जमा करवाने पर 20 फीसदी की छूट दी जाएगी।

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औद्योगिक भूखण्डों के आवंटन की वर्तमान प्रक्रिया में संशोधन के बाबत भी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया। इसमें मेगा, मेगा प्लस एवं सुपर मेगा की श्रेणियों के औधोगिक भूखण्डों के आवंटन हेतु पात्रता का निर्धारण करने की बात कही गई है। मेगा 200 करोड़ से अधिक लेकिन 500 करोड़ रुपये से कम का पूंजी निवेश या 1000 से अधिक श्रमिकों को रोजगार। मेगा प्लस में 500 करोड़ से अधिक लेकिन 1000 करोड़ रुपये से कम का पूंजी निवेश या 2000 से अधिक श्रमिकों को रोजगार की श्रेणी बनाई गई है। सुपर मेगा के तहत 1000 करोड़ से अधिक के पूंजी निवेश या 4000 से अधिक श्रमिकों को रोजगार को शामिल किया गया है। इन श्रेणियों के तहत आवेदनों की प्रति एकड़ 07 करोड़ रुपये के निवेश की अनिवार्यता होगी। इसमें भूमि की लागत शामिल नहीं की जाएगी।

प्राधिकरण ने किराये पर आवंटित संपत्तियों के बकायेदारों के लिए भी एकमुश्त समाधान योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह योजना 20 जनवरी से 31 मार्च 2021 तक प्रभावित रहेगी। इस योजना में पंजीकृत आवंटियों की कुल देय राशि पर 01 जुलाई-2020 से लागू 11.50 फीसदी ब्याज दर और 01 जुलाई-2020 से पूर्व प्राधिकरण में लागू ब्याज दर 14 प्रतिशत साधारण ब्याज की दर से देया होगा। नोएडा कन्वेशन एवं हैबिटेट सेंटर सेक्टर-94 के निर्माण एवं सेक्टर-96 में निर्माणाधीन नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय भवन के विद्युतीकरण का प्रस्ताव संचालक मंडल के सामने पेश किया गया। इस पर संचालक मडल ने उप्र राजकीय निर्माण निगम से नियमानुसार कार्य कराने की मंजूरी दी।

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सीईओ ने बताया कि किसान श्रेणी के लिए आवासीय भूखण्ड योजना-2011 (1) लायी गयी थी। न्यायालय में मामले के लंबित होने के कारण वह योजना अभी लम्बित है। इस योजना में पात्रता के लिए प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसमें तय किया गया कि वर्ष 2011 के कुल 2901 आवेदकों में से स्थलीय निरीक्षण के दौरान संज्ञानित लगभग 299 मृतक आवेदक/कृषक के संबंध में मूल खातेदार के उत्तराधिकारी की पात्रता जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम-1950 के तहत उत्तराधिकारियों को मृतकों के स्थान पर सम्मिलित किया जाये। आवासीय भूखण्डों का क्षेत्रफल, आवंटित क्षेत्रफल से 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ने पर अतिरिक्त क्षेत्रफल पर देय धनराशि का 50 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करने और शेष राशि किश्तों में देने के प्रस्ताव को मंजूर किया गया।

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