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माइक लेकर झुग्गी-झोपड़ी में पहुंची महिला IPS, बोलीं- बच्चों को भीख मांगने पर न करें विवश

Highlights: -बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिये 15 दिवसीय जागरूकता शुरूआत -सेक्टर 63 जेजे कॉलोनी में पहुंची पुलिस की जागरूकता टीम
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 3 Jan 2021, 9:57 AM IST

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। पूरे उत्तर प्रदेश में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेश के पर गौतमबुद्ध नगर में भी डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड लाइन और अन्य कुछ एनजीओ के सहयोग से बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिये 15 दिवसीय जागरूकता शुरू किया गया है। इसके लिए नोएडा की सबसे बड़ी मलिन बस्तियों को चिन्हित किया गया है। जहां से सबसे ज्यादा बच्चे भीख मांगते पाए जाते हैं। पहले फेज में सभी स्थानों पर जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत सेक्टर 63 की जेजे कॉलोनी से किया गया है।

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इस क्रम में सेक्टर 63 की जेजे कॉलोनी में डीसीपी बाल एवं महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए डीसीपी वृंदा शुक्ला ने कहा कि आप लोग समझदारी दिखाइए और बच्चों न कहें कि जाओ और भीख मांगो। हमने पहला जागरूकता कार्यक्रम किया है और हम अब समय-समय पर इसकी जांच करेंगे। हमारा नए साल में यह प्रण होना चाहिये कि बच्चों से भीख नहीं मंगवाएंगे। महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या घरेलू हिंसा है। घर में चाहे अमीर हो या गरीब, पढ़ा लिखा हो चाहे अनपढ़ हो, घरेलू मारपीट की समस्या बहुत बड़ी है।

उन्होने महिलाओं से कहा कि आप 112 नंबर को याद रखें। इस नंबर पर जब आप कॉल करेंगे तो पुलिस की सबसे नजदीकी गाड़ी आ जाएगी और जो मारपीट कर रहा है उसे उठाकर ले जाएगी। कई बार महिलाएं हमारे पास आकर कहती हैं कि हम कोर्ट कचहरी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहते हैं, क्योंकि कमाने वाला भी तो पति ही है। महिलाएं कोर्ट कचहरी में अपने मुकदमे की पैरवी नहीं कर सकती हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि कोई कोई उन्हें मार सकता है। मार मत सहिये और कंप्लेंट जरूर कीजिए। पति दो-चार दिन के लिए हवालात में जाएगा उसका दिमाग दुरुस्त हो जाएगा।

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वृंदा शुक्ला ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है। उसके पहले फेज में हम सभी स्थानों पर जाकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं और वहां रहने वाले लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वह अपने बच्चों को शिक्षा की ओर ले जाएं। भीख मांगने पर विवश न करें साथ साथ जब हम जहां जा रहे हैं, वहाँ लोग बता रहे हैं कि कोविड-19 शुरू होने से लेकर अब तक स्कूल बंद हैं और उनके बच्चे कोई शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए हैं। तो कुछ लोकल एनजीओ के साथ मिलकर और कुछ कंपनी के सहयोग से हम सभी इन स्थानों पर एक अध्यापक उपलब्ध कराना सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि बच्चों को अपराध की ओर जाने से रोका जा सके। उनको एक बेहतर और उज्जवल भविष्य दिया जा सके।