scriptPakistan does not need to interfere in Indian affairs | Patrika Opinion: भारत के मामलों में दखल न दे पाक | Patrika News

Patrika Opinion: भारत के मामलों में दखल न दे पाक

जम्मू-कश्मीर का राग अलापते पाकिस्तान को सात दशक से ज्यादा का समय हो चुका है। अनेक बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान वास्तविकता को समझ नहीं पा रहा।

Published: May 18, 2022 09:42:36 pm

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन को लेकर पाकिस्तान समेत दूसरे मुस्लिम देशों को लताड़ लगाकर भारत ने एकदम सही कदम उठाया है। जम्मू- कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लिहाजा दूसरे देशों को इस मामले में हस्तक्षेप का अधिकार कैसे दिया जा सकता है? चुनाव आयोग ने इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर विधानसभा सीटों के परिसीमन को लेकर अधिसूचना जारी की थी। पाकिस्तान ने इस अधिसूचना को खारिज करते हुए राष्ट्रीय असेम्बली में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था।
प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र
देश के अनेक राज्यों में विधानसभा सीटों के परिसीमन का काम समय-समय पर होता रहता है। पिछले महीने पाकिस्तान में सरकार बदलने के बाद वहां राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद प्रधानमंत्री बने शहबाज शरीफ अपनी सत्ता मजबूत करने के लिए भारत विरोधी माहौल बनाने में लगे हैं। असल में पाकिस्तान में यह खेल नया नहीं है। पाकिस्तान में सरकार चाहे किसी भी दल की हो, भारत विरोधी बयान देकर जनता की सहानुभूति बटोरना चाहती है। जम्मू-कश्मीर का राग अलापते पाकिस्तान को सात दशक से ज्यादा का समय हो चुका है। अनेक बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान वास्तविकता को समझ नहीं पा रहा। दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान का साथ उसके सहयोगी भी छोड़ चुके हैं। आर्थिक रूप से भी पाकिस्तान की हालत खस्ता है। पाकिस्तान को समझना चाहिए कि नफरत की राजनीति करके उसने आखिर अब तक क्या पाया? आतंकवाद की जिस आग से उसने भारत को जलाना चाहा, वही आग आज उसे जला रही है। राजनीतिक अस्थिरता का आलम यह है कि जहां भारत ने पिछले 25 सालों मेें सिर्फ तीन प्रधानमंत्री देखे, वहीं पाकिस्तान इसी अवधि में नौवां प्रधानमंत्री देख रहा है। आजादी के 75 साल के दौरान भी वहां कोई सरकार पांच साल नहीं चल पाई।
भारत ने अपने आंतरिक मुद्दों पर किसी अन्य देश की दखलअंदाजी पहले भी स्वीकार नहीं की और आगे भी नहीं करेगा। इसलिए बेहतर यही होगा कि पाकिस्तान भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की बजाय अपनी हालत सुधारने पर जोर दे। अगर उसने ऐसा नहीं किया, तो पाकिस्तान गृहयुद्ध की आग में झुलस सकता है। आंतरिक असंतोष की आग में जलकर पाकिस्तान विभाजन की कगार पर पहुंच सकता है। अब फैसला पाकिस्तान को करना है कि उसे विकास की राह पर चलना है या भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करके अपने आपको और कमजोर बनाना है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: खतरे में MVA सरकार! समर्थन वापस लेने की तैयारी में शिंदे खेमा, राज्यपाल से जल्द करेंगे संपर्क?Maharashtra Political Crisis: एकनाथ शिंदे की याचिका पर SC ने डिप्टी स्पीकर, महाराष्ट्र पुलिस और केंद्र को भेजा नोटिस, 5 दिन के भीतर जवाब मांगाMaharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट से शिंदे खेमे को मिली राहत, अब 12 जुलाई तक दे सकते है डिप्टी स्पीकर के अयोग्यता नोटिस का जवाबPM Modi in Germany for G7 Summit LIVE Updates: 'गरीब देश पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं, ये गलत धारणा है' : G-7 शिखर सम्मेलन में बोले पीएम मोदीयूक्रेन में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग सेंटर पर रूस ने दागी मिसाइल, 2 की मौत, 20 घायल"BJP से डर रही", तीस्ता की गिरफ़्तारी पर पिनाराई विजयन ने कांग्रेस की चुप्पी पर साधा निशानाअंबानी परिवार की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई, जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: शिवसैनिकों से बोले आदित्य ठाकरे- हम दिल्ली में भी सत्ता में आएंगे
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.