चीन से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी जरूरी

‘अन्तर्यामी’ पर प्रतिक्रियाएं

By: shailendra tiwari

Updated: 16 Sep 2020, 04:31 PM IST

देश की बड़ी शख्सियतों समेत दुनिया भर में करीब 24 लाख प्रमुख लोगों की चीन द्वारा की जा रही पल-पल की निगरानी और इसके प्रति किसी तरह की सावधानी से हमारी लगभग दूरी पर चिंता जताते पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक गुलाब कोठारी के अग्रलेख ‘अन्तर्यामी’ को पत्रिका के प्रबुद्ध पाठकों ने आंखें खोलने वाला बताया है। उन्होंने बड़े लोगों की निगरानी रोकने को देश की प्राथमिकता बनाने के साथ चीन के छल कपट व युद्ध के हालात से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जरूरत भी दर्शाई है। भारतीय मीडिया पर उनके कटाक्ष को भी पाठकों ने सराहा है। पाठकों की प्रतिक्रिया विस्तार से


बड़े लोगों की निगरानी रोकना हो प्राथमिकता
गोपनीय जानकारियां चुराने की घटना से चीन द्वारा शुरू किए गए हाइब्रिड युद्ध से होने वाले नुकसान को लेकर कोठारी ने विस्तृत अग्रलेख लिखा है। चीन की सिर्फ एक कंपनी के पास यदि 24 लाख प्रमुख लोगों की जानकारी है तो यदि वैसी ही कुछ और कंपनियां बना रखी होंगी, तो हालात कितने खराब होंगे, यह सोच कर ही मन में चिंता का भाव आता है। हम लोग छोटी-छोटी फोन टैपिंग से ही चिंतित हो जाते हैं, लेकिन अब इस तरह से बड़े लोगों की निगरानी को रोकना हमारे देश की प्राथमिकता होना चाहिए।
संतोष मिश्रा, सचिव, यशवंत क्लब, इंदौर
गंभीर योजना बनाने की जरूरत
कोरोना वायरस संकट के बीच चीन की एक कंपनी द्वारा दुनिया के 24 लाख लोगों की निगरानी रखने से जुड़ा मामला सामने आना बेहद चिंता का विषय है। भारत के पांच प्रधानमंत्रियों सहित कई सांसद और मुख्यमंत्री की निगरानी की सूचना ने हमारे देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोठारी ने अपने अग्रलेख के माध्यम से इससे होने वाले नुकसान को विस्तार से समझाने की कोशिश की है। सरकार को इसे लेकर गंभीरता से योजना बनाने की जरूरत है।
गौरव रणदिवे, नगर अध्यक्ष, भाजपा, इंदौर
चीन के हर कदम की निगरानी जरूरी
देश के मूल विषयों से हटकर मीडिया सुशांत सिंह और कंगना में पड़ा है, जबकि दूसरी ओर चीन की लगातार बढ़ती नाफरमानी कायराना हरकत को वह नजरअंदाज कर रहा है। चीन से निकला वायरस दुनिया में तबाही मचा रहा है। ऐसे में हर व्यक्ति परेशान है। चीन के हर कदम पर नजर रखने की आवश्यकता है। इस मसले को देश की रक्षा और राजनीति से जोडक़र पाठकों के बीच कोठारी ने पाठकों के बीच अच्छे से रखा है।
डॉ. राजेश स्थापक, जबलपुर
चीन से निपटने की तैयारी हो
पत्रिका में प्रकाशित आज के अग्रलेख में जो बातें कही गई हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। हमारे पास समय कम है। चीन से निपटने के लिए देश को हर स्थिति के मद्देनजर तैयार रहना होगा, क्योंकि कभी भी छद्म व रासायनिक युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।
द्वारिका गुप्ता, अध्यक्ष, विन्ध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स, सतना
चीन से व्यापारिक संबंध खत्म हों
कोठारी ने चीन से मिल रही चुनौतियों का समुचित वर्णन किया है। चीन जिस तरह से भारतीय लोगों का डाटा चुराकर उसका उपयोग कर रहा है, उसे तत्काल रोकना जरूरी है। इसके साथ चीनी वस्तुओं का बहिष्कार भी होना चाहिए। सरकार को भी व्यापारिक संबंध चीन से खत्म करना चाहिए। लेकिन भारत सरकार को भी चाहिए कि वह स्वदेशी को मजबूत करने के लिए युवाओं के प्रशिक्षण और उन्हें काम शुरू करने के लिए धन की व्यवस्था करे।
मनोज पांडे, समाजसेवी, भोपाल

भारतीय मीडिया पर गहरा कटाक्ष
भारतीय निजता पर चीन द्वारा सेंध लगाया जाना निश्चित रूप से चिंताजनक है। कोठारी ने अपने विशेष लेख में जहां चीन के इस कुत्सित कृत्य पर करारा प्रहार किया है, वहीं भारतीय मीडिया के द्वारा गंभीर विषयों से भटकने पर भी कटाक्ष किया है। इस स्पष्टवादिता के लिए साधुवाद।
डॉ. वर्षा सिंह, कवयित्री, सागर

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