आत्म-दर्शन : पूरे मन से करें काम

आप जो भी काम करते हैं, उसमें अगर सौ-फीसदी समर्पण के साथ लग जाएंगे, तो आपकी अंतर्चेतना स्वयं आपको सही रास्ते पर ले जाएगी।

By: विकास गुप्ता

Published: 10 Jun 2021, 11:10 AM IST

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

एक निश्चित उम्र आते ही आपके ऊपर रोजी-रोटी कमाने की मजबूरी आ जाती है, आप कोई पेशा चुनते हैं, लेकिन दूसरा पेशा उससे बढिय़ा लगता है। मन डांवांडोल होकर सोचता है, क्यों न इस काम को छोड़कर दूसरा चुन लें? किस क्षेत्र को चुनना है, यह तय करने की सूझ-बूझ आप में नहीं है, तो कोई बात नहीं। इस समय आप जो भी काम कर रहे हैं, उसमें तन-मन से लग जाइए और जरूरत पडऩे पर जान की बाजी लगाने को तैयार रहिए। आप जो भी काम करते हैं, उसमें अगर सौ-फीसदी समर्पण के साथ लग जाएंगे, तो आपकी अंतर्चेतना स्वयं आपको सही रास्ते पर ले जाएगी।

मुश्किल यह है कि जिंदगी में खुशी पाने के मकसद से आप खुद को दुखी बना लेते हैं। जब काम करते समय उसमें खुशी का अहसास होने लगे, तभी समझिए कि आप पूर्ण रूप से काम कर रहे हैं। मजबूरी में आकर काम करने की भावना आप में आए, तो उस काम को आप बेमन से कर रहे होते हैं। परिवार के पूरे बोझ को कंधे पर ढोने के दुख के साथ जो लोग काम करते हैं, उनकी कौन-सी इच्छा पूरी होगी? ऐसे में अल्सर, उच्च रक्तचाप और तरह-तरह के मनोरोग आपके शरीर में घर करने के लिए बिन बुलाए हाजिर हो जाएंगे।

विकास गुप्ता
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