3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आपकी बात…श्वानों की काटने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?

पाठकों ने इस विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं पाठकों के कुछ विचार

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Neeru Yadav

Mar 27, 2025

यह चिंता का विषय
श्वानों द्वारा काटने की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं अधिक हो रही हैं। उनका टीकाकरण और जन्म नियंत्रण कार्यक्रम जरूरी हैं। साथ ही, भोजन-पानी की व्यवस्था से उनकी आक्रामकता कम हो सकती है। समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, श्वानों का पंजीकरण और हमलों की रिपोर्टिंग महत्त्वपूर्ण है। - गिरधर विजयवर्गीय, जयपुर

डॉग्स का बंध्यकरण करवाना चाहिए
श्वानों के काटने की घटनाओं को रोकने के लिए पशु क्रूरता से संबंधित गैर राजकीय संगठनों से मिलकर के बीच का रास्ता निकालना चाहिए। स्ट्रे डॉग्स का बंध्यकरण करवाया जाना चाहिए। बीमार, जख्मी श्वानों का पता लगाकर उनका इलाज करवाना चाहिए, ताकि वह इधर-उधर बैक्टीरिया न फैलें। गौशाला की तरह ही श्वान शालाएं भी खोली जानी चाहिए और पशु चिकित्सा केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। - नूरजहां रंगरेज, भीलवाड़ा

जंगलों में छोड़ा जाना चाहिए
श्वानों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय निकायों द्वारा श्वानों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा जाना चाहिए। श्वानों की नसबंदी करने के सार्थक प्रयास पशु चिकित्सा विभाग द्वारा होने चाहिए। - ललित महालकरी, इंदौर

हर वार्ड में डॉग हाउस बनाए जाएं
श्वानों द्वारा काटने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। उनके लिए हर वार्ड में डॉग हाउस बनाए जाएं। दूसरा पालतू श्वानों को घरों में बांधकर रखना अनिवार्य किया जाए। - वसंत बापट, भोपाल

Story Loader