विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में बजंरग पुनिया ने जीता अपना तीसरा पदक, कांस्य पर जमाया कब्जा

बजरंग पुनिया को सेमीफाइनल मुकाबले में खराब अंपायरिंग के कारण झेलनी पड़ी थी हार।

Mazkoor Alam

20 Sep 2019, 08:08 PM IST

नूर सुल्तान : खराब अंपायरिंग की वजह से सेमीफाइनल मुकाबले में हार के बावजूद भारतीय पहलवान पहलवान बजंरग पुनिया निराश नहीं हुए और शुक्रवार को कजाकिस्तान में चल रहे विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में कांस्य पदक पर कब्जा जमा लिया। एशियाई चैम्पियन बजरंग ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक के लिए खेले गए एक कांटे के मुकाबले में मंगोलिया के तुल्गा ओचिर को 8-7 से मात दी।

सेमीफाइनल में खराब अंपायरिंग की वजह से मिली थी हार

इससे पहले खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में बजंरग को खराब अंपायरिंग की वजह से हार मिली थी। मैच खत्म होने पर मुकाबला 9-9 से बराबरी पर रहने के बाद भी अंपायरों ने विपक्षी खिलाड़ी के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद बजरंग पुनिया के गुरु और ओलंपिक पदक जीत चुके योगेश्वर दत्त समेत भारतीय प्रशंसकों ने भी इस पर अपना गुस्सा जाहिर किया था।

कांस्य पदक मुकाबले में भी अंत तक पीछे चल रहे थे पुनिया

शुक्रवार को खेले गए कांस्य पदक मुकाबले में भी बंजरग पीछे चल रहे थे। प्रतिद्वंद्वी ओचिर ने उन्हें बाहर ढकेल कर पहले दो अंक लिए और फिर चेस्ट थ्रो के जरिए चार अंक हासिल कर बजरंग पर 6-0 की बड़ी बढ़त ले ली थी। इसके बावजूद बजरंग ने आस नहीं छोड़ी। पहले दो अंक लेकर बढ़त कम कर 6-2 किया। इसके बाद लगातार छह अंक बटोर कर 8-6 की बढ़त ले ली। लेकिन मंगोलिया के खिलाड़ी ने इसके बावजूद हार नहीं मानी और एक अंक लेकर अंतर 8-7 पहुंचा दिया, लेकिन अंत तक बजंरग ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और कांस्य पदक पर अपना नाम लिखा लिया।

बजरंग का विश्व कप में तीसरा पदक

बता दें कि बजंरग का विश्व चैम्पियशिप में यह तीसरा पदक है। 2013 में भी उन्होंने कांस्य जीता था, लेकिन तब वह 60 किलोग्राम भारवर्ग में खेले थे। इसके बाद 65 किलोग्राम भारवर्ग में पिछले साल उन्होंने अपने नाम रजत पदक किया था।

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