उसेन बोल्ट अकादमी से ट्रेनिंग ले लौटा दिल्ली के रिक्शा चालक का बेटा

उसेन बोल्ट अकादमी से ट्रेनिंग ले लौटा दिल्ली के रिक्शा चालक का बेटा

Akashdeep Singh | Updated: 25 Apr 2018, 04:06:57 PM (IST) अन्य खेल

खेलो इंडिया में 100 मीटर फर्राटा दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाले निसार अहमद जमैका की उसेन बोल्ट अकादमी से ट्रेनिंग ले लौट आएं हैं।

नई दिल्ली। भारत के 16 साल के फर्राटा धावक और 'खेलो इंडिया' के स्वर्ण पदक विजेता निसार अहमद ने कहा है कि जमैका में उसेन बोल्ट अकादमी में ट्रेनिंग लेने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला है। निसार ने इस वर्ष राजधानी में हुए खेलो इंडिया स्कूल गेम्स में 100 मीटर रेस में पहला स्थान हासिल किया था। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए 10.76 सेकेंड में 100 मीटर की दूरी पूरी की थी। निसार को खुद ओलम्पिक रजत पदक विजेता और केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने पुरस्कार दिया था जिससे वह काफी खुश नजर आए थे।


उसेन बोल्ट की अकादमी में ट्रेनिंग ली
निसार ने पिछले साल भोपाल में हुए नेशनल स्कूल गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था जहां उन्होंने 10.76 सेकेंड के समय के साथ 100 मीटर की दूरी तय की थी। इसके बाद विजयवाड़ा में हुए जूनियर नेशनल गेम्स में भी उन्होंने 100 और 200 मीटर में स्वर्ण अपने नाम किया था। निसार की इस प्रतिभा को देखकर गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) ने उन्हें जमैका स्थित उसेन बोल्ट अकादमी में ट्रेनिंग दिलाने का फैसला किया। निसार ने इस वर्ष चार से 28 फरवरी तक गेल की मदद से विश्व के सर्वश्रेष्ठ धावक रह चुके उसेन बोल्ट की अकादमी में स्पेशल ट्रेनिंग हासिल की।


बोल्ट अकादमी से बहुत सीखने को मिला: निसार
निसार ने न्यूज एजेंसी के साथ साक्षात्कार में कहा, "बोल्ट की अकादमी में मैंने दौड़ने की अलग-अलग तकनीकों को सीखा। वहां पर मुझे तैराकी और केयर एक्सरसाइज भी सीखने का मौका मिला। ट्रेनिंग के दौरान मुझे एक अलग तरह का ही अनुभव मिला।" युवा एथलीट ने कहा, "अकादमी के कोच काफी अनुभवी हैं और उन्होंने मुझे अपने खेल को और बेहतर बनाने के बारे में काफी कुछ बताया। भविष्य में अपने खेल को और बेहतर बनाने की दिशा में उनके बताए गए टिप्स मेरे बहुत काम आएंगे।"


पिता रिक्शा चालक हैं
दिल्ली के आजादपुर स्लम में रहने वाले निसार के पिता नन्कू रिक्शा चलाते हैं और कमाई का अधिकतर हिस्सा वह अपने बेटे की जरूरतों पर खर्च करते हैं। निसार ने कहा, "मुझे खेल में अपना करियार बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। मेरे पिता एक मजदूर हैं और मैं जब भी उनसे खेल के लिए जूते, सप्लीमेंट और कपड़ों की मांग करता हूं तो पैसों की कमी के चलते वह मुझसे खेलों को छोड़ देने के लिए कहते हैं।" उन्होंने कहा, "पर, मैं खेल के सिवाए कुछ नहीं सोचता हूं। साल 2016 में मुझे एनवाईसीएस और गेल इंडिया से स्पॉनसरशिप मिल गई और उनकी मदद से मेरा करियर आगे बढ़ रहा है। इन लोगों की मदद से मैं देश के लिए पदक जीतने में सफल रहूंगा।"


नहीं मिल रही सरकारी सहायता
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार से उन्हें कोई मदद मिल रही है, उन्होंने कहा, "मुझे सरकार से किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली है।" निसार ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य विश्व जूनियर चैंपियनशिप और यूथ ओलम्पिक में देश के लिए पदक जीतना है। उन्होंने कहा, "अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं।"


अपने प्रदर्शन से खुश हैं निसार
खेलो इंडिया में अपने प्रदर्शन को लेकर पूछे जाने पर युवा एथलीट ने कहा, "खेलो इंडिया में मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकाला और इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिला। मुझे लगता है कि मैं इससे भी अच्छा कर सकता हूं लेकिन इसके लिए मुझे अपना सब कुछ झोंकना होगा। खेलो इंडिया में स्वर्ण के साथ-साथ जो समय मैंने निकाला, वह भी मेरे लिए काफी मायने रखता है और इसे लेकर मैं बहुत ही उत्साहित हूं।"

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned