विश्व चैंपियनशिप: बजरंग पूनिया ने जीता रजत पदक, फाइनल में मिली हार पर रचा यह बड़ा कीर्तिमान

विश्व चैंपियनशिप: बजरंग पूनिया ने जीता रजत पदक, फाइनल में मिली हार पर रचा यह बड़ा कीर्तिमान

Akashdeep Singh | Publish: Oct, 23 2018 08:42:47 AM (IST) अन्य खेल

विश्व चैम्पिनयशिप में दूसरा पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बने बजरंग पूनिया।

नई दिल्ली। भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया को विश्व चैम्पिनयशिप में स्वर्ण पदक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। उनको पुरुषों की फ्री-स्टाइल स्पर्धा के 65 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में जापान के ताकुटो ओटुगुरो के सामने 16-9 से हार मिली। इसके बावजूद वह बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर गए। वह इस बड़े टूर्नामेंट में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय पहलवान बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने 2013 में आयोजित फ्री-स्टाइल स्पर्धा के 60 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता था। बजरंग ने अपना पदक अमृतसर रेल हादसे का शिकार हुए लोगो को समर्पित किया है।


सुशील की बराबरी से चूके-
सुशील कुमार इकलौते भारतीय पहलवान हैं जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। ओलम्पिक खेलों में दो बार अपना परचम फहराने वाले पहलवान ने मॉस्को(2010) में आयोजित हुई विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। फाइनल में मिली हार से बजरंग भारत के सबसे सफल पहलवान सुशील कुमार की बराबरी करने से चूक गए।


इस साल, बजरंग बेमिसाल-
24 साल के बजरंग इस साल शानदार फॉर्म में हैं और दो बड़े खेलों में वह स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाने में कामयाब भी रहे। उन्होंने इस साल ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ खेलों में और फिर इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

 

रेल हादसे में मरे लोगो को पदक समर्पित किया-

बजरंग ने अपना पदक अमृतसर रेल हादसे का शिकार हुए लोगो को समर्पित किया है। पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार की शाम एक भीषण हादसा हो गया था। रावण दहन देख रहे लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए थे, जिससे कम से कम 59 लोगों की मौत हो गई और पचासो अन्य घायल हो गए थे।

मुकाबले का पूरा हाल-
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हुए इस स्वर्ण पदक मुकाबले में भारतीय पहलवान बजरंग शुरुआत से ही दबाव में नजर आ रहे थे। पहले 5 अंक जापानी रेसलर के नाम रहे। इसके बाद बजरंग ने 2-2 अंक बटोर मुकाबले में 4-5 पॉइंट्स के साथ वापसी की। इसके बाद जापानी रेसलर ताकुटो ने दो अंक और बटोरे और अब उनके पास तीन अंकों की बढ़त थी। इसके बाद बजरंग ने एक बार फिर दांव दिखते हुए 2 अंक बटोरे और फासले को 1 अंक पर ला दिया। ब्रेक के बाद जब मुकाबला आगे बढ़ा तो बजरंग अपने ही दांव में उलझ गए और विपक्षी पहलवान ने 3 अंक लेकर 10-6 की बढ़त बना ली। इसके बाद बजरंग थके और फीके नजर आए। जापानी पहलवान के नाम यह मुकाबला और स्वर्ण पदक 16-9 अंकों की बढ़त के साथ हुआ। भारतीय पहलवान को इस टूर्नामेंट में रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

इस तरह बनाई फाइनल में जगह-
बजरंग को सेमीफाइनल मकुाबले को जीतने में थोड़ी परेशानी हुई थी। पर उन्होंने क्यूबा के एलेंजांड्रो वाल्देस तोबिएर को 4-2 से मात देकर फाइनल में अपना स्थान पक्का किया था।एक समय वह 4-1 से आगे चल रहे थे लेकिन क्यूबा के खिलाड़ी ने आखिरी में स्कोर 4-3 कर भारतीय खिलाड़ी को परेशानी में डाल दिया था। बजरंग ने हालांकि किसी तरह अपनी बढ़त को बरकरार रखा और फाइनल में प्रवेश किया।

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