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शपथ ग्रहण में न्योता नहीं मिलने से तिलमिलाया पाकिस्तान, विदेश मंत्री कुरैशी ने कसा मोदी पर तंज

शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल कुरैशी ने भारत की अंदरूनी राजनीति करार दिया कहा, शपथग्रहण समारोह में जाना कोई मुद्दा नहीं
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नई दिल्ली

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Mohit Saxena

•

Updated: 30 May 2019, 2:07 PM IST

pakistan

शपथ ग्रहण में नहीं मिला न्योता तो तिलमिलाया पाकिस्तान, विदेश मंत्री कुरैशी ने कसा मोदी पर तंज

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को नहीं बुलाने पर पड़ोसी मुल्क तंज कसा है। पाक की मीडिया और सरकार दोनों तिलमिलाई हुईं हैं। इस समारोह में दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होने जा रहे हैं। पाक पीएम को न्योता नहीं देने पर विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत की अंदरूनी राजनीति करार दिया है। कुरैशी का कहना है कि इमरान को न बुलाना भारत की मजबूरी है। उन्होंने कहा कि मोदी की पूरी राजनीति पाकिस्तान की आलोचना पर निर्भर है। ऐसे में वह न्योता देकर फंसना नहीं चाहते हैं।

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पाकिस्तान की आलोचना पर लड़ा चुनाव

पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक शाह ने कहा कि मोदी का चुनावों के दौरान पूरा फोकस पाकिस्तान की आलोचना पर ही रहा था। ऐसा सोचना बेवकूफी है कि वो अपनी इस नीतिगत सोच को जल्दी बदलने वाले हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मीडिया की खबर के अनुसार इमरान खान को भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण में न बुलाए जाने का फैसला लिया जा चुका है। मीडिया से बातचीत में कुरैशी ने कहा कि इमरान ने पीएम मोदी को फोन कर बधाई दी, इसमें कुछ नया नहीं है। बीते साल जब इमरान खान ने पाक में चुनाव जीता था तो मोदी ने भी फोन पर और बाद में एक ख़त लिखकर उन्हें बधाई दी थी। इमरान ने जो किया वो भी सिर्फ एक सद्भावना संदेश ही था।

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शपथग्रहण में जाना ज़रूरी नहीं

कुरैशी ने कहा कि शपथग्रहण समारोह में जाना कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि कश्मीर, सियाचिन और सर क्रीक जैसे विवादों पर बातचीत हो। इसका हल निकाला जाए। उन्होंने कहा कि अगर मोदी दक्षिण एशिया में विकास के समर्थक हैं तो तो उन्हें पाकिस्तान के साथ मिलकर बातचीत करनी होगी। इन मुद्दों का हल निकालना होगा। पाकिस्तान के लिए भी मुफीद है कि सीमा पर शांति बनी रहे। कुरैशी ने ये भी दावा किया कि दुनिया जानती है कि पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान शामिल नहीं था।

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