पाली के तीन बदमाशों ने साथियों के साथ मिलकर की थी 83 लाख की लूट, गिरफ्तार

पाली के तीन बदमाशों ने साथियों के साथ मिलकर की थी 83 लाख की लूट, गिरफ्तार

Om Prakash Tailor | Updated: 14 Jul 2019, 05:23:34 PM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

सिरोही जिले के सरूपगंज के निकट धानारी हाइवे पर की थी वारदात

पाली। सिरोही जिले के सरूपगंज थाना क्षेत्र के धनारी हाइवे पर स्थित होटल पर रुकी गुजरात रोडवेज की बस में सवार कूरियर कंपनी के कर्मचारी से 83 लाख के आभूषणों से भरे पार्सल लूटने की गुत्थी पुलिस ने 12 दिन में सुलझा दी। पुलिस ने शनिवार शाम मामले का पर्दाफाश कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायणसिंह राजपुरोहित और आबूपर्वत वृत्ताधिकारी प्रवीण सैन के नेतृत्व में सरूपगंज थानाधिकारी शिवराजसिंह भाटी ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए वारदात का खुलासा किया। इस मामले में हिंगोला (तखतगढ़- पाली) निवासी राजूसिंह पुत्र जेठूसिंह, सिनेर (सिवाणा -बाड़मेर) निवासी राजूसिंह पुत्र छैलसिंह, जोयला (शिवगंज) निवासी संजयसिंह पुत्र नरपतसिंह, जोगावा (आहोर-जालोर) निवासी श्रवणसिंह पुत्र शंभुसिंह, अणगौर (सुमेरपुर-पाली) निवासी सुखदेव पुत्र रामसिंह व हिंगोला (तखतगढ़- पाली) निवासी रतनलाल पुत्र मांगीलाल को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।

इस तरह धरे गए आरोपी
जांच में सामने आया कि राजूसिंह आंगडिया का कार्य करता था, जो दो माह पहले कार्य छोडक़र हिंगोला आ गया। जहां रतनलाल के साथ मिलकर आंगडिया के माल को लूटने की साजिश रची। रतनलाल व राजूसिंह ने पूर्व में आंगडिया के माल लाने ले जाने वालों की रैकी की। फिर दोनों आरोपियों ने श्रवणसिंह, महिपालसिंह, संजयसिंह, राजूसिंह सिनेर को साथ मिलाया। इससे पहले राजूसिंह हिंगोला द्वारा आंगडिया के माल ले जाने वाले की रैकी की गई और जिस बस में माल जाता है उसमें महिपालसिंह को बिठाया। महिपालसिंह सफर के दौरान बस में बैठै-बैठे ही लोकेशन देता रहा। पहले से धनारी स्थित एक होटल पर खड़े श्रवणसिंह, राजूसिंह सिनेर, सुखदेवसिंह व संजयसिंह ने सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग को उठाकर पहले से खड़ी कार में लेकर फरार हो गए।

सुमेरपुर में बंटवारा कर हुए अलग-अलग
घटना के बाद सभी सुमेरपुर पहुंचे। जहां माल को बांटकर सभी अलग-अलग हो गए। यहां तक कि मोबाइल भी बंद कर दिए थे। लेकिन, पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझा दिया।

यह था मामला
दरअसल, 21 जून को भलाराम प्रजापत अहमदाबाद से पाली कूरियर पंहुचाने के लिए गुजरात रोडवेज बस में रवाना हुआ। बस करीब डेढ़ बजे धनारी के पास एक होटल पर आकर रुकी, तब भलाराम प्रजापत व साथी किशन व अन्य सवारियां खाना खाने नीचे उतरे थे। जब दस मिनट बाद लौटे तो सीट के आगे रखा बैग एक व्यक्ति लेकर भाग रहा थ। उसे पकडऩे की कोशिश की। लेकिन, वह कार में बैठकर सरूपगंज की तरफ भाग गया था।

 

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned