RapeCase:बेटियों की नहीं परवाह, सुरक्षा के लिए अभया स्क्वॉयड गश्त भी की बंद

- हैदराबाद व टोंक काण्ड के बाद भी पाली पुलिस लापरवाह

- बेटियों की सुरक्षा के लिए शुरू की थी, लेकिन सेवा गुपचुप बंद

पाली. पाली पुलिस महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। जहां एक ओर जिले में छेड़छाड़ व पोक्सो जैसे मामले बढ़ रहे हैं, देश में टोंक व हैदराबाद काण्ड से आक्रोश है, वहीं पाली पुलिस ने महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा के लिए शुरू की गई ‘अभया स्क्वॉयड फोर्स’ की गश्त बंद कर दी है। अब स्कूलों व छुट्टी के दौरान कोई मनचला छात्राओं से अभद्र व्यवहार करता है तो वहां छात्राओं को तुरंत पुलिस की सुरक्षा नहीं मिलती है।

पांच स्क्वॉयड दल बनाए थे, सीओ सिटी ने परवाह छोड़ी

इस वर्ष जनवरी माह में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला गश्ती दल यूनिट स्थापित की। इसके तहत कोतवाली थाने को तीन, औद्योगिक व ट्रांसपोर्ट नगर थाने को एक-एक स्कूटी आवंटित की गई। इस यूनिट को ‘अभया स्क्वॉयड फोर्स’ नाम दिया गया। प्रत्येक स्कूटी पर दो-दो महिला कांस्टेबल वायरलैस सेट के साथ गश्त करना तय किया गया। साथ ही इस यूनिट को जिम्मेदारी दी गई थी कि यह दल बाल वाहिनी, बसों, टैक्सी, टेम्पो द्वारा छात्राओं को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेन्टर एवं महिलाओं के बाजार आने जाने के दौरान उनकी सुरक्षा पर निगरानी रखेगी। इसके साथ ही वाहनों में क्षमता से अधिक छात्राएं नहीं बिठाने एवं उनकी इनकी सुरक्षा के लिए समुचित उपाय करेगी। यह भी तय किया गया कि बेटियों व महिलाओं के साथ किसी अनहोनी की स्थिति में यह दल तुरंत मौके पर पहुंचेगी तथा संबंधित थानाप्रभारी को घटना की सूचना देगी। इस प्रभारी सीओ सिटी को बनाया गया, लेकिन सीओ सिटी नारायणदान ने इसकी परवाह छोड़ दी। ऐसे में दस माह में ही पुलिस का यह प्लान फेल हो गया। अधिकारियों की लापरवाही से यह सेवा गुपचुप बंद कर दी गई।

एसपी को पता नहीं, बंद कर दी सेवा

यह सेवा बंद करने को लेकर पाली एसपी आनंद शर्मा को पता ही नहीं है। पाली एसपी शर्मा ने बताया कि यह सेवा चालू है, बराबर गश्त हो रही है। जबकि इस इस गश्ती दल के प्रभारी सीओ सिटी नारायणदान ने पत्रिका को बताया कि इसे बंद कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के जवाब से पुलिस में अधिकारियों के सामंजस्य की पोल भी खुल रही है।

rajendra denok
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