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VIDEO : चीन के कोरोना का प्रदेश के व्यापार जगत पर पड़ रहा असर, चरमराया यहां का चूड़ी उद्योग, जानिए पूरी खबर…

-चीन से नहीं हो रहा नगीना का आयात-होलसेल व्यापारियों ने स्टॉक में रखे माल का दुगुना किया दाम-पाली, जोधपुर व जयपुर में है फैला है चूड़ी कारोबार
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पाली

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Suresh Hemnani

Feb 19, 2020

VIDEO : चीन के कोरोना का प्रदेश के व्यापार जगत पर पड़ रहा असर, चरमराया यहां का चूड़ी उद्योग, जानिए पूरी खबर...

VIDEO : चीन के कोरोना का प्रदेश के व्यापार जगत पर पड़ रहा असर, चरमराया यहां का चूड़ी उद्योग, जानिए पूरी खबर...

-राजेन्द्रसिंह देणोक/सुरेश हेमनानी
पाली। चीन के कोरोना वायरस [ Chinese Corona virus ] का भय अभी भी सता रहा है। यहां जनजीवन के स्वास्थ्य पर इसका व्यापक असर भले ही सामने नहीं आया, लेकिन उद्योग और रोजगार के लिए कई गुना घातक साबित हो रहा है। चीनी उत्पादों का आयात ठप होने से उद्योगों पर मार पड़ रही है। प्रदेश का चूड़ी उद्योग [ Bangle industry ] भी कोरोना वायरस का शिकार है। चीन से नगीना (स्टोन) की आपूर्ति लगभग बंद हो गई है। इससे चूड़ी उद्योग मंदी की चपेट में है। अकेले, पाली में करीब 200 करोड़ का चूड़ी उद्योग ठप-सा है। पाली की चूडिय़ां देश के कई हिस्सों में पसंद की जाती है।

प्रदेश में चूड़ी का बड़ा कारोबार पाली में है। यहां छोटी-बड़ी करीब पांच सौ इकाइयां संचालित है। इस उद्योग से करीब 10 हजार श्रमिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। पाली के अलावा जोधपुर और जयपुर में भी चूडिय़ां बनती है। चीन का नगीना भारत के मुकाबले सस्ता है। इस कारण यह उद्योग पूरी तरह से चीन पर निर्भर है। चीन में कोरोना वायरस की महामारी फैलने के बाद से ही चूड़ी उद्योग में नगीना आयात नहीं हो रहा।

होलसेलर ने डेढ़ गुना बढ़ाए नगीने के दाम, शादियों का सीजन मंदा
शादियों के सीजन में चूड़ी कारोबार परवान पर रहता है। चूड़ी व्यापारियों के मुताबिक इस बार शादियों की सीजन में मंदी का माहौल है। चूड़ी पर लगने वाले नगीना (स्टोन) का आयात चीन से होता है। कोरोना वायरस फैलते ही चीन से भारत में नगीने का आयात बंद हो गया। दिल्ली, मुम्बई और मद्रास जैसे बड़े शहरों के होलसेल व्यापारियों ने स्टॉक में रखे नगीने के दाम डेढ़ गुना बढ़ा दिए। ऊंचे दाम में चूडिय़ां बनाना व्यापारियों के लिए मुश्किल हो गया। इससे चूड़ी का उत्पादन आधा रह गया है। चूड़ी व्यापारी अब सामान्य स्थिति होने तक का इंतजार कर रहे हैं।

चूड़ी श्रमिकों पर रोजगार का संकट
अधिकांशतया पाली में चूड़ी बनाने का काम घरों में होता है। महिलाएं भी बड़ी संख्या में जुड़ी हुई है। नगीने के दाम बढऩे और आयात नहीं होने से श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। चूड़ी की कटिंग, फिनिश्ंिाग और नगीना लगाने के काम में ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग जुड़े हुए हैं। आमतौर एक महिला प्रतिदिन दो सौ रुपए कमा लेती थी। अब सौ रुपए भी बुश्किल मिल रहे हैं। हैदर कॉलोनी में चूड़ी पर नगिना लगाने का काम करने वाली साहिजा का कहना है कि उनके सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है।

महामारी की मार
चीन की महामारी का असर चूड़ी उद्योग पर पड़ा है। चूड़ी की सजावट में काम आने वाला नगीना चीन से आना बंद हो गया। होलसेल व्यापारियों ने स्टॉक में रखे माल का दाम डेढ़ गुना बढ़ा दिए। ऐसे में उत्पादन पर भी जबरदस्त असर पड़ा है। -रज्जा अली, चूड़ी व्यापारी

रोजगार पर संकट
चूड़ी उद्योग हजारों लोगों के रोजगार का जरिया है। चीन में फैली बीमारी के बाद से उद्योग में मंदी आई हुई है। श्रमिकों को पूरा काम और दाम नहीं मिल रहा। -मोहम्मद असलम, चूड़ी व्यापारी