अनदेखी : एक घंटे तक घायल बच्चे को लिए बिलखती रही महिला, फिर भी नहीं पसीजा चिकित्सक का कलेजा

अनदेखी : एक घंटे तक घायल बच्चे को लिए बिलखती रही महिला, फिर भी नहीं पसीजा चिकित्सक का कलेजा

rajendra denok | Publish: Nov, 15 2017 01:06:24 PM (IST) Pali, Rajasthan, India

- एक घंटे इंतजार के बाद कम्पाउंडर ने प्राथमिक उपचार कर किया रेफर

रायपुर मारवाड़ (पाली).

बर के आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मंगलवार को एक बार फिर चिकित्सक की लापरवाही देखने को मिली। बिराटिया खुर्द के पास कार की चपेट में आने से घायल हुए पांच साल के मासूम बच्चे का उपचार करने चिकित्सक नहीं पहुंचे। एक घंटे तक मां अपने घायल बच्चे को लिए बिलखती रही। ग्रामीणों ने हंगामा भी किया, लेकिन चिकित्सक न तो आए और न ही फोन अटेंड किया। आखिरकार कम्पाउंडर को बुलाकर प्राथमिक उपचार करा बच्चे को ब्यावर रेफर कर दिया।

पुलिस के अनुसार जोधपुर के भगत की कोठी निवासी देवीलाल कलाल अपने परिवार के साथ शादी समारोह में शरीक होने बिराटिया खुर्द आए थे। शाम को रामदेव मंदिर के पास देवीलाल का पांच साल का बेटा नीलकमल खेल रहा था। इस बीच कार की चपेट में आने से नीलकमल घायल हो गया। बिराटिया खुर्द सरपंच मीनू कंवर राठौड़ अपनी कार में इस बच्चे को लेकर बर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची। केन्द्र पर कोई नहीं मिला। बर चौकी से पुलिस भी पहुंच गई। मुख्य आरक्षी प्रहलाद मीणा व सरपंच ने चिकित्सक डॉ. रामअवतार साहू के मोबाइल पर कई बार कॉल किया लेकिन उन्होंने अटेंड नहीं किया। एक घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन चिकित्सक नहीं आए। कम्पाउंडर दिलीप को बुलाकर बच्चे का प्राथमिक उपचार कराया जाकर ब्यावर के सरकारी अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराया। सरपंच ने कलक्टर व सीएमएचओ को पत्र भेज कार्रवाई की मांग की है।

एसडीएम ने दिया था नोटिस

सेंदड़ा थानाप्रभारी विष्णुदत्त राजपुरोहित भी पिछले दिनों एक घायल को लेकर इसी बर पीएचसी पर पहुंचे थे। चिकित्सक ने संबंधित पीएचसी पर ले जाने का कहते हुए उपचार करने से इनकार कर दिया था। इस मामले में उपखण्ड अधिकारी मोहनलाल खटनावलिया ने चिकित्सक साहू को कारण बताओ नोटिस भी दिया था।

नहीं उठाया फोन

मैंने घालय बच्चे का उपचार करने के लिए चिकित्सक साहू के मोबाइल पर करीब पचास बार कॉल किया लेकिन उन्होंने अटेंड नहीं किया। जब इनके स्टाफ से पता किया तो उन्होंने बताया कि चिकित्सक अपने क्वार्टर पर ही हैं। तब क्वार्टर जाकर भी बैल बजाई लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। ऐसे में कम्पाउंडर से प्राथमिक उपचार करवा बच्चेे को ब्यावर रेफर कराया।

प्रहलाद मीणा, मुख्य आरक्षी, बर पुलिस चौकी

मोबाइल साइलेंट कर सो गया था

मेरी तबीयत खराब थी तो मोबाइल साइलेंट कर सो गया था। जब उठा तो मिसकॉल देख बाहर आया तब तक बच्चे को रेफर कर दिया था। मुझ पर बेवजह आरोप लगा रहे हैं। मैं अकेला ही हूं इस पीएचसी पर, जिससे परेशान हो जाता हूं।

डॉ. रामअवतार साहू, प्रभारी पीएचसी, बर

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