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राजस्थान के ऐसे गांव जहां जाने से अपरा​धी भी खाते है खौफ

यहां चोर तो क्या संदिग्ध व्यक्ति भी भूले-भटके नहीं आता। क्योंकि ये अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों के भरोसे नहीं है।
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राजस्थान के ऐसे गांव जहां जाने से अपरा​धी भी खाते है खौफ

राजस्थान के ऐसे गांव जहां जाने से अपरा​धी भी खाते है खौफ

मोहराकलां, वरणदार और नारलाई... पाली जिले के ये ऐसे गांव हैं जो न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि जागरूक भी है। परिंदा भी आता है तो उसकी आहट सुनाई देती है। यहां चोर तो क्या संदिग्ध व्यक्ति भी भूले-भटके नहीं आता। क्योंकि ये अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों के भरोसे नहीं है। यहां चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी पहरेदार है। वणदार में तो कुछ दोस्तों ने मिलकर सिंग ऑफ वणदार व विश्वासी वणदान नाम से संगठन बनाए और गांव को महफूज बना लिया। वाट्सऐप ग्रुप बनाया और कैमरों के लिए पैसे जुटाए। सीसीटीवी भी अच्छी क्वालिटी के लगाए हैं, जिससे दिन और रात के फुटेज साफ दिखते हैं। वहीं, पूरा नारलाई गांव कैमरे की जद में है। सरपंच ने भामाशाहों को प्रेरित किया और अब पूरा गांव सुकून से जी रहा है।

कैमरे से गांव सुरक्षित
कैमरे लगाने के बाद पूरा गांव सुरक्षित है। गांव में कोई संदिग्ध व्यक्ति भी आता है तो उस पर नजर रहती है। कई दूसरे अपराध भी बंद हो गए। गांव बड़ा है। इस कारण कुछ जगह कैमरे लगाने हैं। अब पत्रिका की प्रेरणा से वहां भी लगवा देंगे।
शेखर मीणा, सरपंच, नारलाई

वणदार: चोर वापस छोड़ गए ट्रॉली
वणदार में कुछ माह पहले चोर तीन भैंस चोरी कर ले गए। अगले दिन जब चोर को पता चला कि गांव में कैमरे लगे हुए हैं तो वह रात में मुंह पर कपड़ा लपेट कर आया और भैंस वापस गांव में छोड़ गया। इसी तरह डेढ़ माह पहले गांव से एक ट्रैक्टर ट्रॉली भी चोर छोड़ गया। उपसरपंच नरपतसिंह राजपुरोहित बताते हैं कि कैमरे लगाने से उनका गांव महफूज है।