scriptvideo….गर्मी आई नहीं और प्यास बढ़ गई | Summer did not come and thirsty grew | Patrika News
पाली

video….गर्मी आई नहीं और प्यास बढ़ गई

हैडपम्प बना सहारा

पालीMar 15, 2019 / 03:09 pm

Rajeev

pali patrika

video….गर्मी आई नहीं और प्यास बढ़ गई

बाबरा. गर्मियों के दिन शुरू होने से पहले ही क्षेत्र में पेयजल की किल्लत आ गई है। अब क्षेत्र में केवल हैण्डपम्प ही पीने के पानी का सहारा है। पशुपालकों के लिए तो यह चुनौती बन गया है। वे भेड़ों व अन्य मवेशियों के लिए घंटों तक हैण्डपम्प चलाकर पानी निकालने को मजबूर है। मवेशियों के लिए जगह-जगह बनी खेलियों में भी पानी की कमी के कारण मवेशी प्यासे है।
कुओं का कार्य अधूरा, अब बन रहे खतरा

नाडोल निप्र. कस्बे में पेयजल की सप्लाई के लिए जलदाय विभाग द्वारा दो कुए खुदवाए थे। जिनका कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है। बारिश के मौसम में दोनों कुएं ढहने व खुले पड़े कुएं से जनहानि होने की आशंका बनी रहती है। जलदाय विभाग इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
कस्बे में जलदाय विभाग द्वारा परकेला तालाब के बाहर व नर्सरी के अंदर दो कुएं खोदे गए। जिनका कार्य अधूरा पड़ा है। परकेला तालाब के पास खोदे गए कुएं में बारिश का पानी बहने के कारण ढहने की आशंका रहती है। इसी तरह नर्सरी में भी खुदवाए गए कुएं पर सुरक्षा दीवार नहीं बनवाई गई। कुएं के पास से मुख्य रास्ता होने के कारण जनहानि की आशंका बनी रहती हैं।
जनहानि हो सकती है

दोनों अधूरे पड़े कुओं के लिए मैंने जिला कलक्टर व जलदाय विभाग के अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर बता दिया है। अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। खुले पड़े कुओं में जनहानि भी हो सकती है।
यशोदा वैष्णव, सरपंच, ग्राम पंचायत, नाडोल
कार्य शुरू करवा देंगे

ठेकेदार के पास मजदूरों की कमी होने के कारण कार्य बंद पड़ा है। होली के तुरंत बाद वापस कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

ऋ तुराजसिंह, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, सादड़ी
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लौटोती गांव में जवाई परियोजना की जलापूर्ति, ढाणियों में सूखे पड़े जीएलआर

जैतारण. ग्राम पंचायत लौटोती में जनता जल योजना के तहत स्थानीय स्तर पर जलापूर्ति कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में सुदूर ढाणियों में बने जीएलआर वर्षों से खाली पड़े हैं। ग्राम पंचायत व जलदाय विभाग के सुध नहीं लेने से इन गांव-ढाणियों में लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव मे जवाई परियोजना के पानी के 00समान वितरण के लिए कमेटी का गठन किया गया है। लेकिन गांव के आस-पास ढाणियो में आठ जीएलआर बने हुए हैं। इनमें चौकीदारों की ढाणी के अलावा सभी जीएलआर खाली पड़े हैं। उपसरपंच कप्तानसिंह उदावत ने बताया कि पेयजल समस्या के निवारण के लिए उच्चाधिकारियों व ग्रामपंचायत को कई बार समस्या से अवगत करवाया। लेकिन, समस्या अभी तक जस की तस बनी हुई है। क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए।
यह सूखे पड़े जीएलआर
पनजी की ढाणी, बंदीया बेरा, करणी सागर, हेरिया नाडा, करणिया प्याऊ, रामर, गुर्जरों की ढाणी में बने सातों जीएलआर सूखे पड़े हैं। यहां मवेशियों के लिए अवाले में भी पानी नहीं है।
व्यवस्था के लिए प्रयास जारी
दो जीएलआर पर पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। सभी जीएलआर को जवाई परियोजना के मीठे पानी से जोडऩे के लिए प्रयासरत है। एक दिन जवाई का पानी गांव में व दूसरे दिन जीएलआर में जलापूर्ति की जाएगी। जहां जलापूर्ति नहीं पहुंचेगी। वहां प्रशासन एवं जलदाय विभाग का सहयोग लेकर टैंक र की व्यवस्था करवाई जाएगी।
– प्रहलाद सरगरा, सरपंच, ग्राम पंचायत लौटोती

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