लोकपाल सागर अतिक्रमण मुक्त, 11 हेक्टेयर क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण

तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटा तो मुस्कुराई विरासत
सालों से अवैध अतिक्रमण के दायरे में होने से आम जनता की नजरों से ओझल हो गई थी यह बेहद खूबसूरत दो मंजिला प्राचीन बावड़ी
सुबह से शुरू होकर शाम तक चली अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

पन्ना. नगर के तालाबों का सीमांकन करने के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के अतिक्रमण हटाने की कर्रवाई लोकपाल सागर से शुरू की। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुबह ११ बजे से शुरू होकर दिनभर चली। इस दौरान तालाब के क्षेत्र में चिन्हित पूरे ११ हेक्टेयर से अतिक्रमण हटा लिया गया है। अतिक्रमण हटाने के साथ ही एक खेत से बेहद ही खूबसूरत दो मंजिला बावड़ी भी निकली। इसमें अंदर तक जाने के लिए तीन तरफ से सीढिय़ां बनी हुई हैं। अतिक्रमण के कारण शहर के लोगों को इतनी खूबसूरत बावड़ी के तालाब परिसर में होने की जानकारी भी बहुत से लोगों को नहीं थी।


गौरतलब है कि नगर के तालाबा अतिक्रमण की चपेट में हैं। इनके कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण होने से बारिश का वानी तालाबों में नहीं पहुंच पाता है। इससे इस साल ११०० मिमी. से भी ज्यादा बारिश होने के बाद भी सिर्फ निरपत सागर ही भर पाया था। धरम सागर और लोकपाल सागर तालाब खाली रह गए थे। तालाबों से अतिक्रमण हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। जिसको लेकर जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों तालाबों का सीमंाकन कराया गया था। सीमांकन कार्य पूरा होने के बाद तालाबां से चिन्हित अतिक्रमण को शीघ्र हटाने की मांग की जा रही थी।


लोकपाल सागर के पूरे 11 हेक्टेयर से हटाया अतिक्रमण
जिला प्रशासन पहल पर शुक्रवार की सुबह तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि लोगों ने तालाब की जमीन में खखरी और कच्चे घर बनाकर खेती कर ली है। इससे फसलों को छोड़ते हुए जेसीबी से इन खेतों की खखरी और बाड़ी को तोड़ा गया है। साथ ही खखरी में लगे पत्थरों को जब्त करने की कार्रवाई की गई है। जब्ती के बाद पत्थरों को सिंचाई विभाग की सुपुर्दगी में देने की बात कही गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


लोगों ने देखा ऐतिहासिक बावड़ी का सौंदर्य
कार्रवाई के दौरान एक खेत के अंदर से बेहद खूबसूरत तरीके से बनाई गई दो मंजिला बावड़ी भी नजर आई। झाडिय़ों में छिपी होने के बाद भी सैकड़ों साल पुरानी इस बावड़ी का सौंदर्य देखते ही बनता है। अतिक्रमण के दायरे में हमेशा छिपाकर रखी गई इस खूबसूरत बावड़ी के बारे में शहर के लोगों को कम ही जानकारी होगी। यहां नीचे तक पहुंचने के लिए तीन तरफ से सीढिय़ां बनी हुई हैं। यह खूबसूरत बावड़ी तालाब के पूर्व की बताई जा रही है। अतिक्रमण मुक्त होने के बाद अब इस प्राचीन बावड़ी के समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की बन गई है।


पुरुषोत्तमपुर में भी हटाया अतिक्रमण
ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर में भी जेल बिल्डिंग के आसपास के कई अतिक्रमण हटाए गए हैं। इन अतिक्रमण को हटाने की कर्रवाई शाम को की गई। इस कार्रवाई के बाद से अतिक्रमण कारियों में हड़कंप मच गया है। तालाबों के बड़े भू-भाग में माफिया ने कब्जा कर लिया है। जिन्हें सालों से हटाने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन उन्हें नहीं हटाया जा सका था। जिन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया गया है वहां दोबारा अतिक्रमण नहीं हो अब यह देखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।


लोकपाल सागर तालाब का चिन्हित ११ हेक्टेयर का पूरा अतिक्रमण हटा दिया गया है। अब लोकपाल सागर तालाब अतिक्रमण मुक्त है। अतिक्रमण के दायरे में रही एक प्राचीन बावड़ी को भी मुक्त कराया गया है।
दीपा चतुर्वेदी, तहसीलदार पन्ना

Shashikant mishra Bureau Incharge
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