पीके पार लगाएंगे नी​तीश की चुनावी बैतरणी !

पीके पार लगाएंगे नी​तीश की चुनावी बैतरणी !
पीके पार लगाएंगे नी​तीश की चुनावी बैतरणी !

Navneet Sharma | Updated: 18 Sep 2019, 07:08:14 PM (IST) Patna, Patna, Bihar, India

Bihar politics: भाजपा के निशाने रहे प्रंशात किशोर को लेकर आखिर जदयू की क्या होगी रणनीति, इसको लेकर सियासी गलियारों चर्चाओं को बाजार हो रहा है गर्म

पटना.प्रियरंजन भारती।

नीतीश कुमार के राजनीतिक सलाहकार माने जाने वाले प्रशांत किशोर को सियासी दाव—पेच तेज होने लगे हैं। नीतीश के साथ पीके की मौजूदगी कई सवाल खडे कर रही है, वहीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनावों में साथ रहने को लेकर भाजपा की नाराजगी भी इनके साथ दिखाई दे रही हैं। सियासी गलियारों व पार्टी पदाधिकारियों की माने तो इस दफा भी पीके नीतीश के मांझी बनकर उनकी चुनावी बेतरणी को पार लगाने वाले हैं।
जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सहजता से यह आक्षेप भी लगाए जाते रहे कि वह भाजपा से दबावमुक्त रहने के लिए पीके का इस्तेमाल करते हैं। ममता बनर्जी के लिए पीके की टीम के काम करने को लेकर उठे बवाल के बीच जदयू ने सफाई तो दी पर पीके पर कोई। कार्रवाई नहीं की थी।
अब बिहार और झारखंड में जदयू की चुनावी रणनीति बनाने के लेकर उठ रहे सवालों पर प्रदेश पार्टी अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि प्रशांत किशोर हमारी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उनकी सहभागिता पार्टी के हर कार्यक्रम में हो सकती है।
सिंह ने कहा कि प्रशांत किशोर जी से किसी को क्या आपत्ति हो सकती है। चुनावी रणनीति बनाकर वह 2015में भी नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने में सफल हो चुके हैं।
तो क्या आरजेडी फिर जदयू के साथ आकर महागठबंधन बनाएगी, इस बात के जवाब में उन्होंने चुप्पी साध ली। कहा हमारे साथ भाजपा और लोजपा भी है।
पीके को लेकर असहज होती रही भाजपा पर क्या यह नीतीश कुमार का प्रेशर पॉलिटिक्स नहीं है? इसका जवाब खुद भाजपा की ओर से मिल जाता है। पार्टी के एक बड़े नेता ने कहा,हमें नरेंद्र मोदी की गुरुत्वाकर्षण पर पूरा भरोसा है। कोई भी कुछ कर ले पर प्रधानमंत्री जी की छवि के आगे सब फेल हैं।
पीके की मौजूदगी 2015के विधानसभा चुनाव में लालू और नीतीश को धुरविरोध के बावजूद एक मंच पर लाने में कामयाबी का परचम लहरा चुकी है। हालांकि यह गठबंधन चंद महीनों में बिखर गया था। अब पीके की सक्रियता के साथ फिर से आरजेडी को लेकर गोलबंदी के सवाल भी कौंधने लग गये हैं। इस बारे में पूछे जाने पर पूर्व मंत्री विजय प्रकाश कहते हैं,यह अब गैरमुमकिन है। हमारी पार्टी अब कभी जदयू के साथ नहीं आ सकती।

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