माल्‍या के दावे पर राहुल ने मांगा अरुण जेटली से इस्‍तीफा, पीएम मोदी कराएं स्‍वतंत्र जांच

केंद्र सरकार ने बड़े कर्ज बकाएदारों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की।

Dhirendra Kumar Mishra

September, 1311:24 AM

राजनीति

नई दिल्‍ली। दो साल पहले देश छोड़कर भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या के दावे के बाद से सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर विपक्ष के सख्‍त तेवर के सामने केंद्र सरकार लगातार घिरती नजर आने लगी है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस्‍तीफा मांग लिया है। माल्या के बयान के बाद बुरी तरह फंसे जेटली को इस पर सफाई देनी पड़ गई। उन्होंने कहा कि संसद के गलियारे में माल्या उनके साथ हो लिए थे, उनसे कोई औपचारिक मुलाकात नहीं हुई थी।

स्‍वतंत्र जांच की मांग
कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने विजय माल्‍या का बयान सामने आने के बाद ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है। उन्‍होंने ट्वीट के जरिए पीएम मोदी से इस मामले की स्‍वतंत्र जांच कराने और वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस्तीफा मांगा लिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि माल्या की ओर से लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। पीएम को तत्काल इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। राहुल ने कहा है कि जांच पूरी होने तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

समय रहते नहीं की कार्रवाई
मार्क्‍सवादी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने बयान जारी कर कहा है कि इस मामले में अहम सवाल यह है कि लुकआउट नोटिस के बावजूद माल्या विदेश कैसे भाग गया? सरकार ने बड़े कर्ज बकाएदारों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई नहीं की, जबकि पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने इस बारे में सरकार को पहले ही सूचित कर दिया था।

फ्रॉड की सूची दी थी
पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पहले ही बता चुके हैं कि उन्होंने पीएमओ को फ्रॉड के मामलों की सूची दी थी। इससे स्पष्ट है कि पूर्व गवर्नर की विदाई के अतिरिक्त कुछ भी क्यों नहीं हुआ। रफाल और चौकसी घोटाले के साथ माल्या का ताजा रहस्योद्घाटन मोदी सरकार को रसातल में भेज देगा।

माल्‍या के बयान से मची हलचल
आपको बता दें कि लंदन में बुधवार को प्रत्यर्पण के मामले में चल रही सुनवाई के दौरान शराब कारोबारी विजय माल्या ने एक बयान देकर भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी। माल्या ने कहा कि वह भारत छोड़ने से पहले वित्तमंत्री से मिलकर आए थे। वह सेटलमेंट को लेकर वित्त मंत्री से मिले थे, लेकिन बैंकों ने मेरे सेटलमेंट प्लान को लेकर सवाल खड़े किए। माल्या ने कहा कि वह अपना बकाया चुकाने के लिए तैयार हैं। हालांकि इस मामले में वित्त मंत्री जेटली का बयान आने के बाद माल्‍या ने कहा है कि जेटली से उनकी इस मुद्दे पर औपचारिक बैठक नहीं हुई थी।

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