Antilia Case: महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दिया इस्तीफा

Antilia Case: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा 100 करोड़ रुपये उगाही करने का आरोप लगाए जाने के बाद अब आखिरकार गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

By: Anil Kumar

Updated: 05 Apr 2021, 04:52 PM IST

मुंबई। एंटीलिया केस से शुरू हुए विवाद के बाद से अब महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद से अब आखिरकार गृह मंत्री अनिल देशमुख को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। साथ ही ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी है। परमबीर सिंह के आरोपों पर बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के बाद अनिल देशमुख ने अपना इस्तीफा दिया है। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि दिलीप पाटिल महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री होंगे।

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बता दें कि परमबीर सिंह ने बीते दिनों एक चिट्ठी लिख कर अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये उगाही करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से महाराष्ट्र में सियासी घमासान शुरू हो गया। इसकी गूंज संसद में भी सुनाई पड़ी थी।

परमबीर सिंह की याचिका पर सोमवार को बॉम्बे हाइकोर्ट ने सुनवाई करते हुए अनिल देशमुख को एक बड़ा झटका दिया और सीबीआई जांच को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया और आदेश दिया कि ‘100 करोड़ रुपये' वसूली के आरोपों की जांच अब सीबीआई करेगी।

हाईकोर्ट ने कहा- सीबीआई करेगी जांच

आपको बता दें कि परमबीर सिंह की याचिका पर सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई की और एक बड़ा फैसला सुनाते हुए अनिल देशमुख को एक बड़ा झटका दिया। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने 100 करोड़ रुपये हर महीने उगाही करने के आदेश दिए थे। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की थी कि इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में FIRहुई है, पुलिस से जांच की अपील की गई थी। कोर्ट ने कहा कि अनिल देशमुख पर ये आरोप लगाए गए हैं और वे राज्य के गृह मंत्री भी हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। लिहाजा, इस मामले की जांच सीबीआई को करनी चाहिए। हालांकि, सीबीआई तुरंत इस मामले में केस दर्ज नहीं करेगी।

आपको बता दें कि परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर अनिल देशमुख पर आरोप लगाए थे। इसके बाद से सियासत गरमाने लगी और भाजपा ने अनिल देशमुख का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया। लेकिन एनसीपी प्रमुख शरद पवार अनिल देशमुख के इस्तीफे से इनकार करते रहे। शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि परमबीर सिंह के आरोप राजनीति से प्रेरित लगते हैं, ऐसे में इस्तीफे का सवाल ही नहीं है। अब इस मामले पर उद्धव ठाकरे की सरकार पर भी संकट के बादल छाने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

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