Article 370 समाप्त होने की पहली वर्षगांठ, JK के उपराज्यपाल GC Murmu ने दिया इस्तीफाः सूत्र

  • 5 अगस्त 2019 को गृह मंत्री अमित शाह ने Jammu and Kashmir से अनुच्छेद 370 खत्म ( article 370 removed ) होने की घोषणा की थी।
  • LG GC Murmu ने 31 अक्टूबर 2019 को केंद्र शासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था।
  • सूत्रों के मुताबिक gc murmu नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) या केंद्र में किसी शीर्ष स्थान पर नियुक्त किए जाएंगे।

जम्मू। भारत सरकार द्वारा धारा 370 को समाप्त करने के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर ( Jammu and Kashmir ) को दो संघ क्षेत्रों में विभाजन की घोषणा के ठीक एक साल बाद (Article 370 Abrogation Anniversary ) घाटी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ( LG GC Murmu ) ने कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

बुधवार को जीसी मुर्मू ( gc murmu ) ने इस्तीफा दे दिया है, इस तरह की खबरें सोशल मीडिया के साथ-साथ राज्य के भीतर फैली रहीं। वहीं, घाटी के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ( Omar Abdullah ) के एक ट्वीट से मुर्मू के इस्तीफा देने की अटकलों को और बल मिला।

अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर के एलजी को लेकर सामने आ रहीं सभी चर्चाओं का क्या मतलब है? कुछ घंटों पहले यह कहीं से बाहर आई थी और अचानक सोशल मीडिया और जम्मू एवं कश्मीर में व्हाट्सएप पर आ गई।"

रिपोर्टों के मुताबिक जीसी मुर्मू के भारत के अगले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के रूप में पदभार संभालने की संभावना है। संभवता उनके राजीव महर्षि की जगह लेने की उम्मीद है जो इस सप्ताह सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

मुर्मू ने आधिकारिक तौर पर जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के पहले उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था।

जीसी मुर्मू 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के गुजरात कैडर के अधिकारी हैं। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव के रूप में भी कार्य किया है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश बीते वर्ष 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आए थे, जब नरेंद्र मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त ( article 370 removed ) कर दिया था। इस अनुच्छेद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था और इसके समाप्त होने से राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक मुर्मू ने बुधवार शाम इस्तीफा दे दिया क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उन्हें कैग संभालना पड़ सकता है या उन्हें केंद्र में कुछ अन्य आरामदायक और सम्मानजनक स्थान मिल सकता है। एक सूत्र ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, "उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, और उन्हें केंद्र में कुछ शीर्ष स्थान पर समायोजित किया जाएगा। इसके बारे में उन्हें बताया गया है।"

अमित कुमार बाजपेयी
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