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गोवा में सियासी ड्रामा: कांग्रेस ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर पर्रिकर से बहुमत साबित करने की मांग की

सीएम की तबियत खराब होने से गोवा की जनता का नुकसान हो रहा है।
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Dhirendra Kumar Mishra

Nov 18, 2018

Manohar parrikar

Manohar parrikar

नई दिल्ली। गोवा सरकार के अस्तित्‍व को लेकर एक बार सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। इस बार कांग्रेस ने सीएम मनोहर पर्रिकर सरकार अल्‍पमत में होने का दावा करते हुए राज्यपाल से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। साथ ही पर्रिकर सरकार से नए सिरे से विश्‍वासमत हासिल करने को कहा है। गोवा कांग्रेस का दावा है कि स्वास्थ्य कारणों के चलते सीएम जरूरी समय नहीं दे पा रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति से राज्य सरकार का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित है। सीएम की तबियत खराब होने से जनता को नुकसान हो रहा है।

कांग्रेस ने दी इस बात की चेतावनी
कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी संसद के आगामी शीतकालीन सत्र और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने भी इस मुद्दे को उठाएगी। हम शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रपति पर गोवा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने लिए दबाव बनाएंगे।

बहुमत का दावा
कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल मृदुला सिन्हा के समक्ष 40 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत होने का दावा पेश किया है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रवक्‍ता सुरजेवाला ने कहा कि सीएम मनोहर पर्रिकर की गैरमौजूदगी में कैबिनेट सलाहकार समिति का गठन करना संविधान के साथ खुलेआम धोखा है। गोवा में भाजपा सरकार को फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी, गोमांतक पार्टी और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है जबकि कांग्रेस सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी है। कांग्रेस कई बार पर्रिकर की गैरमौजूगी का हवाला देते हुए सरकार चलाने पर आपत्ति जता चुकी है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य के लोगों ने भाजपा को सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया था। पर्रिकर के बीमार होने के कारण राज्‍य सरकार ठीक से काम नहीं कर पा रही है। जनकल्याण के कोई कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह स्थिति जानबूझकर पैदा की है। कांग्रेस ने सवाल किया कि जब स्वास्थ्य के आधार पर भाजपा अपने दो मंत्रियों को हटा सकती है तो सीएम को इसी आधार पर क्यों नहीं बदला जा रहा है।