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गौहत्या पर रासुका लगाना कमलनाथ को पड़ा महंगा, दिग्विजय के बाद चिदंबरम ने भी किया विरोध

प्रियंका गांधी के आगे कांग्रेस ने दिग्गज नेता ने मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है।
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गौहत्या पर रासुका लगाना कमलनाथ को पड़ा महंगा, दिग्जविजय के बाद चिदंबरम ने भी किया विरोध

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की कलमनाथ सरकार के एक फैसले पर अब कांग्रेस के अंदर ही विरोध होने लगा है। राज्य में दो मामलों गौ हत्या और गौवंश परिवहन को लेकर पांच आरोपियों में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई हुई। अब ये फैसला कांग्रेस सरकार के गले की फांस बन गई है। दिग्जविजय सिंह के बाद अब पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी सवाल उठाए हैं।

प्रियंका के सामने चिदंबरम ने उठाई आवाज

मौका था पी चिदंबरम की पुस्तक अनडॉन्टेड: 'सेविंग द आइडिया ऑफ इंडिया' के विमोचन का। कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। यहीं मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ नेता चिदंबरम ने कहा कि मध्य प्रदेश गोकशी मामले में NSA लगाया जाना गलत था। कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी की अगुवाई वाली मध्य प्रदेश सरकार को संकेत कर दिया है कि उनसे गलती हुई है।

दिग्विजय भी कर चुके हैं रासुका के फैसले का विरोध

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कमलनाथ सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर गौ हत्या के लिए बने कानून के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए थी, रासुका नहीं लगनी चाहिए थी।

खंडवा में गौ हत्या मामले में 3 युवकों पर रासुका

पहला मामला खंडवा का है। यहां मोघट थाने के खरखाली गांव में गौ हत्या के मामले में पकड़े गए तीन आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है। तीन आरोपियों में से दो को बीते शुक्रवार और एक को सोमवार को पकड़ा गया था। तीनों आरोपियों- नदीम, उसके भाई शकील व आजम पर रासुका की कार्रवाई की गई है। तीनों जेल में हैं।

आगर-मालवा में गौवंश परिवहन को लेकर दो पर रासुका

वहीं दूसरी घटना आगर-मालवा की है। जहां जिला प्रशासन ने दो लोगों पर गौवंश परिवहन के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उज्जैन जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने कहा कि जिले में कुछ असामाजिक तत्व गौवंश के परिवहन के काम में अरसे से लगे हुए हैं,जिससे जिले का सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित हो रहा था। इस कारोबार में शामिल दो लोग महबूब खान और रोडमल मालवीय पर बुधवार को रासुका की कार्रवाई की गई और दोनों को गुरुवार को गिरफ्तार कर उज्जैन की जेल भेज दिया गया। महबूब और रोडमल पहले भी कई बार मवेशी परिवहन के मामले में आरोपी बनाए जा चुके हैं। इनका आपराधिक रिकार्ड भी है। इसी के आधार पर दोनों पर ये कार्रवाई की गई है।