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दिल्ली सरकार नहीं लागू करेगी आयुष्मान भारत योजना, जैन बोले- ये सिर्फ कागजों में अच्छी

आयुष्मान भारत योजना पर नहीं बदला दिल्ली सरकार का इरादा सत्येंद्र जैन बोले- जहां योजना लागू वहां के मरीज भी आते हैं दिल्ली 23 सितंबर, 2018 को पीएम मोदी ने लॉन्च की थी एबी-पीएमजेएवाई
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Chandra Prakash Chourasia

Jun 04, 2019

Satendra Jain

दिल्ली सरकार नहीं लागू करेगी आयुष्मान भारत योजना, जैन बोले- ये सिर्फ कागजों में अच्छी

नई दिल्ली। केंद्र की सत्ता में बेशक मोदी 2.0 की सरकार आ गई है लेकिन दिल्ली सरकार अभी भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत ( ayushman bharat yojna ) के खिलाफ है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ( Satyendra Jain) ने एकबार फिर साफ कर दिया है कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में ये लागू है, वहां के हालात से हर कोई वाकिफ है।

'दिल्ली ही आते हैं यूपी-हरियाणा के मरीज'

सत्येंद्र जैन ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश हरियाणा में तो आयुष्‍मान भारत योजना लागू है। इसके बाद भी वहां के मरीजों को दिल्ली ही क्‍यों भेजा जाता है। जैन ने कहा कि दिल्ली में क्यों भेजते हो, करा लो इलाज प्राइवेट में। ये योजना सिर्फ कागजों में ही अच्छी लगती है।

सिर्फ 10 लाख लोगों को होगा लाभ: जैन

स्वास्थ्य मंत्री जैन के आगे कहा कि दिल्ली की जनसंख्या 2 करोड़ है। लेकिन प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत का लाभ सिर्फ 10 लाख लोग को होगा। हम ऐसा नहीं करेंगे।

दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर, 2018 को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना(एबी-पीएमजेएवाई) लांच की। इस योजना को 'सरकार द्वारा वित्तपोषित दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य कार्यक्रम' बताया जा रहा है। योजना को लांच करते हुए मोदी ने कहा था कि इस योजना का लाभ लेने वाले यूरोपीय संघ की कुल आबादी और अमेरिका, कनाडा व मेक्सिको की सम्मिलित आबादी के बराबर हैं। मोदी ने कहा कि 50 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने वाली यह योजना चिकित्सा और समाज विज्ञानियों के लिए एक शोध का विषय है।

5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हर साल प्रति परिवार को पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। सूचीबद्ध स्वास्थ्य सुविधा प्रदाता (ईएचसीपी) नेटवर्क के जरिए लोगों तक लाभ पहुंचाया जाता है। योजना में रजिस्टर्ड कोई भी नागरिक सरकारी और निजी अस्पतालों में बगैर पैसे इलाज करा सकता है। इस सेवा में प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन, रोग निदान और दवाइयों सहित 1,350 प्रक्रियाएं शामिल हैं।

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